पलामू-गढ़वा जिला की लाईफ लाइन है मलय एवं अन्नराज जलाशय योजनाः मुख्यमंत्री

मलय व अन्नराज जलाशय योजना का शिलान्यास,104गांवों में होगी सिंचाई
रांची,16मई।मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। हर खेत में पानी पहुंचे और किसान की आय में दोगुणी वृद्धि हो इस हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। गांव, गरीब और किसान का समग्र विकास ही सरकार का लक्ष्य है। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने आज झारखण्ड मंत्रालय के सभागार में पलामू जिले की मलय जलाशय योजना एवं गढ़वा जिले की अन्नराज जलाशय योजना की सिंचाई क्षमता को पुनर्बहाल करने एवं नहर प्रणाली का पुनरूद्धार एवं लाईनिंग कार्य का ऑनलाईन शिलान्यास करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मलय जलाशय योजना के पुनर्बहाल होने से पलामू जिला के सतबरवा प्रखण्ड के 27 गांव, मेदिनीनगर प्रखण्ड के 42 गांव एवं लेस्लीगंज प्रखण्ड के 36 गांव लाभान्वित होंगे। 63 हजार अनुसूचित जाति एवं जनजाति की आबादी सहित 1 लाख 55 हजार लोगों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस पुनरूद्धार कार्य में मलय मुख्य नहर के 5.34 कि.मी. से 40.839 कि.मी. तक लेस्लीगंज शाखा नहर के 30.506 कि.मी. तक पुनर्स्थापन एवं लाईनिंग कार्य किया जाएगा। डैम की मरम्मति एवं अन्य क्षतिग्रस्त संरचनाओं का पुनरूद्धार कार्य कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि अन्नराज जलाशय योजना के पुनरूद्धार होने से गढ़वा जिले के 42 गांवों के 4632 हेक्टयर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। परियोजना के पूर्ण होने पर कितासोती कला, कितासोती खुर्द, बालीगढ़, चेरीपोखर, बेलहारा, खोन्हर, गिजना, करूआ कला, करूआ, करूआ खुर्द, बनपुरवा, रंका, डुमरिया, तिलदाग, तिवारी मरहटिया, दूबे मरहटिया आदि गांव के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि अन्नराज जलाशय योजना का पुनरूद्धार एवं क्षतिग्रस्त नहर का लाइनिंग कार्य 84.68 करोड़ रूपये की लागत से राज्य सरकार द्वारा शुरू कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना में अन्नराज मुख्य नहर के 14.812 कि.मी. एवं आद्रा मुख्य नहर के 12.00 कि.मी. तक पुनरूद्धार एवं लाइनिंग कार्य करते हुए योजना के हेड रेगुलेटर, सी.डी. संरचना, आउटलेट तथा बीच में अवस्थित पुल का निर्माण एवं मरम्मति किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पलामू एवं गढ़वा जिले के साथ-साथ पूरे राज्य में सिंचाई योजनाओं का तीव्र विकास करना सरकार की प्राथमिकता है। इस हेतु पूरे झारखण्ड में पूर्व निर्मित सिंचाई योजनाओं की खोई सिंचाई क्षमता को पुनर्बहाल करने के लिए पूर्व में 15 सिंचाई योजनाओं के पुनरूद्धार का कार्य 637 करोड़ रूपये की लागत से स्वीकृत किया गया है।

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