सरना धर्म कोड की मांग को लेकर बंद, रेल चक्का जाम 

रांची,21मई।लिंगायत की तरह सरना एवं गोंडी धर्म कोड को मान्यता देने की मांग को लेकर झारखंड दिशोम पार्टी एवं आदिवासी सेंगेल अभियान के कार्यकर्ताओद्वारा सोमवार को आहूत झारखंड बंद के दौरान राज्य के विभिन्न जिलोंमेंरेल सेवा पर असर पड़ा। हालांकि राजधानी रांची में इसका कोई असर नहीं देखा गया।
विभिन्न आदिवासी संगठनोंके बंद का पश्चिमी सिंहभूम और पाकुड़ समेत कईजिलोंमें रेल सेवा पर खासा असर देखा गया। पश्चिमी सिंहभूम जिले में बंद समर्थकों ने रेल और रोड यातायात को प्रभावित करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस से उनकी झड़प भी हुई।  बंद का सबसे ज्यादा असर जिले के जगन्नाथपुर अनुमंडल में दिख रहा। जगन्नाथपुर के मालुका स्टेशन के पास बंद समर्थकों ने चाईबासा- बड़बिल रेल मार्ग को जाम कर दिया। इससेइस रूट पर ट्रेनों का परिचालन रहा। रेललाइन पर सैकड़ों बंद समर्थक महिला व पुरूष बैठ गए और सरना कोड की मांग की। इस बीच जिला पुलिस और रेल पुलिस ने बंद समर्थकों को जबरन हटाने का प्रयास किया, तो पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई । उसके बाद पुलिस ने हल्का बल का प्रयोग किया, तो मौके पर भगदड़ मच गई. लेकिन फिर रेल लाइन पर समर्थक बैठ गए। बंद समर्थकों ने चाईबासा- किरीबुरू सड़क मार्ग को जगह-जगह जाम कर दिया। बंद को देखते हुए बाजार और दुकानें नहीं खुली हैं।
इधर, पाकुड़ में दिशोम पार्टी के बाबुधन मुर्मू के नेतृत्व में सैकड़ो कार्यकर्ताओ ने रेल पटरी को जाम कर दिया। रेल चक्का जाम कर दिये जाने के कारण यात्री ट्रेनो सहित मालगाड़ियो का परिचालन घंटो बाधित हुआ। रेल चक्का जाम को हटाने के लिए आरपीएफ, जीआरपी एवं जिला पुलिस के अधिकारी व कर्मियो ने पूरा प्रयास किया परंतु आंदोलनकारियो ने उनकी एक नही सुनी और लगभग 12.30 बजे आंदोलनकारियो द्वारा रेल चक्का जाम कार्यक्रम को खत्म किया और तब उसके बाद ट्रेनो क परिचालन शुरू हुआ। झारखंड दिशोम पार्टी के आयोजित रेल चक्का जाम की वजह से काफी परेशानी उठानी पड़ी।  राज्य के अन्य जिलों में बंद का कोई खास असर देखने को नहीं मिला।
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