गरीबों की इलाज व मुफ्त दवा के लिए विशेष पहल

उपायुक्त की पहल पर ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन व रेड क्रॉस सोसयटी की अनूठी पहल
रांची,20जून। सिमडेगा जिला प्रशासन ने जिला ड्रगिस्ट एन्ड केमिस्ट एसोसिएशन और रेड क्रॉस सोसायटी को साथ लेकर एक अनूठी पहल शुरु की है। इसके तहत वैसे आर्थिक रुप से कमजोर मरीजों को मुफ्त दवाएं और इलाज मुहैया कराया जा रहा है, जो इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ हैं।
सिमडेगा जिला का सदर अस्पताल किसी अदद निजी अस्पताल से कम नहीं है और यहाँ इलाज और दवाएँ मुफ्त दी जाती है। लेकिन, फंड उपलब्ध नहीं रहने या तत्काल दवा यों के उपलब्ध नहीं रहने से खास तौर से गरीब मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जिले के उपायुक्त जटाशंकर चौधरी ने इसे गंभीरता से लिया और इसका अनूठा हल निकाला है। उपायुक्त के इस नेक पहल में जिला केमिस्ट एन्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन और रेड क्रॉस सोसाइटी भी पूरा योगदान दे रहा है।
इस अभियान में जोड़े जाने से जिले का केमिस्ट और ड्रगिस्ट एसोसिएशन और उससे जुड़े दवा व्यवसायी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। मानव सेवा में कहीं चूक न हो जाए, इसके लिए वे जीवन रक्षक दवाओं का स्टॉक तैयार रखते हैं। जिला केमिस्ट एन्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सचिव अमरेंद्र किशोर प्रसाद ने बताया कि आर्थिक रुप से कमजोर वर्गां के लिए शुरु की गयी इस विशेष पहल का कई परिवारों को लाभ मिल रहा है।
कभी-कभी ऐसा मौका भी आया जब मरीज को बड़े अस्पताल में रेफर किया गया और मरीज के परिजनों के पास उसे ले जाने के पैसे नहीं थे। तब भी, इन्होने दरियादिली का परिचय देते हुए आपसी सामंजस्य से उसके लिए फंड की व्यवस्था की। अब इनकी योजना एक बड़ा निःशुल्क ब्लड बैंक स्थापित करने की है। सिमडेगा रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव मोहन सिंह ने बताया कि मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए जरुरतमंद मरीजों को निःशुल्क ब्लड भी उपलब्ध कराने की योजना है।
दूसरी तरफ जिला प्रशासन की पहल जिला ड्रगिस्ट एन्ड केमिस्ट एसोसिएशन और रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा किये गये इस पहल से आमलोग विशेष गरीबों में भी संतोष का भाव देखा जा रहा है। अपना और अपने परिजनों का इलाज कराने आये लोगों का कहना है कि इस महंगाई के जमाने में जटील बीमारियों की वजह से वे काफी मुश्किल में थे और उन्हें यह समझ में ही नहीं आ रहा था कि वे अपना इलाज किस तरह से कराएंगे, लेकिन ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन और रेडक्रॉस सोसायटी की पहल के कारण उन्हें एक नया जीवन मिल पाया।
अकेले ही चले थे जानिबे मंजिल, लोग आते गए और कारवाँ बढ़ता गया। कुछ ऐसा ही हुआ सिमडेगा उपायुक्त द्वारा शुरु किए किए गए नेकी के इस सफर में। जिसमे आज सिमडेगा जिले के सभी दवा व्यवसायी एकमत और एकजुट हो चुके हैं।

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