झांसी से थारपारकर गाय प्रजाति बीएयू पहुंची

बीएयू में स्थानीय नस्लों को संरक्षित एवं नस्ल सुधार में मदद मिलेगी : कुलपति
रांची,30जून। थारपारकर गाय राजस्थान के जोधपुर और जेसमलेरमें मुख्या रुप से पायी जाति है ।गुजरात राज्य के कच्छ में भी इस प्रजाति के गाय की बड़ी संख्या है ।
शनिवार को थारपारकर प्रजाति की कुल छः गाय बीएयू स्थित डेयरी फार्म में पहूचा ।इसे झांसी से मगाया गया है ।यह गाय अत्यधिक दूध के लिए प्रसिद्ध है ।राजस्थान में इसे मालानी नस्ल के नाम से जाना जाता है ।देशी गोवंश में थारपारकर का को मुकाबला नहीं है । इस अवसर पर कुलपति डॉ परविन्दर कौशल ने शनिवार को डेयरी फार्म का अवलोकन कर थारपारकर के उचित रख-रखाव एवं प्रबंधन के निर्देश दियाप् कुलपति ने बताया कि विश्वविद्य्नालय स्थित डेयरी फार्म के सु.ढ़ीकरण एवं विकास के प्रयास किये जा रहे है।फार्म में थारपारकर प्रजाति के गाय के शामिल होने से स्थानीय नस्लों को संरक्षित एवं नस्ल सुधार में मदद मिलेगी और राज्य में दुधारु गायों के नस्ल सुधार को बल मिलेगा । उन्होंने बताया कि बीएयू के हजारीबाग स्थित गोरियाकरमा फार्म में रेड सिन्धी प्रजाति का डेयरी फार्म पहले से ही स्थापित है।बीएयू के पशुचिकित्सा संकाय में थारपारकर प्रजाति के गाय के फार्म इका की स्थापना के बाद जल्द ही शाहिवल प्रजाति के गाय का फार्म इका स्थापित की जाएगी।
डेयरी फार्म के प्रभारी डॉ सुशील प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में इस फार्म में क्रॉस , रेड सिन्धी और देशी प्रजाति के कुल 45 गायों और 30 भेस रख-रखाव एवं प्रबंधन किया जा रहा है।थारपारकर से फार्म को विकसित करने और नस्ल सुधर में मदद मिलेगी प् मुलतः यह नस्ल करांची (पाकिस्तान) के पास थारपारकर जिले का है।सरहदी होने से पश्चिमी राजस्थान में इस गोवंश का प्रभाव अधिक है । स्लेटी रंग, पूर्ण विकसित सिर, कानों के तरफ झुके हुए मध्यम सिंग, सामान्य कद-काठी वाली, 3.5 से 3.75 की कद वाली इस प्रजाति का वजन 400-450 किलोग्राम तक होता है ।यह प्रतिदिन 4 लीटर तक दूध देती है और इसके दूध में पांच प्रतिशत तक वसा पा जाती है । देश के पशुपालन एवं डेयरी संस्थानों में थारपारकर गाय की काफी मांग बनी रहती है।मौके पर डॉ. रविन्द्र कुमार, डॉ. निशांत पटेल एवं प्रमोद साहु सहित डेयरी फार्म के कर्मचारी भी मौजूद थे।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *