जंगली हाथियों के लिए वनों में पर्याप्त भोजन-पानी की व्यवस्था -सीएम

नदी महोत्सव सह वृहद वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत
रांची,2जुलाई। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने नदी महोत्सव सह वृहत वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत सोमवार को रांची के नामकुम स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे स्वर्णरेखा नदी तट पर पौधरोपण कर किया।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि नदियों किनारे पौध लगाने से कई फायदे है,इससे जंगल और पर्यावरण संरक्षण के साथ ही नदियों का भी संरक्षण संभव हो पाएगा, साथ ही नदी किनार पर्याप्त संख्या में पेड़-पौधे होने से जंगली हाथियों को पर्याप्त भोजन और पानी भी उपलब्ध हो सकेगा, इससे जंगली हाथी आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश नहीं करेंगे, जिससे जान-माल की क्षति के साथ ही फसलों को होने वाला नुकसान भी बच सकेगा। उन्होंने बताया कि वन-पर्यावरण विभाग द्वारा जंगली हाथियों के लिए वनों में पर्याप्त भोजन-पानी की व्यवस्था भी करेगी, इसके लिए आवश्यक ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किये गये है, जिसके तहत मुख्यमंत्री जन वन योजना के तहत निजी जमीन पर पौधरोपण करने वाले जमीन मालिक को 50 की जगह अब 75 प्रतिशत सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया है, साथ ही भविष्य में उन्हें पेड़ की कटाई में भी वन विभाग से अनुमति लेने में कोई खास परेशानी नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभी खेतों के मेढ़ पर कई ऐसे जंगली वृक्ष लगा दिये जाते है, जिससे काफी जमीन का उपयोग कृषि या किसी अन्य कार्य के लिए नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति में मेढ़ पर ऐसे फलदार पौधे लगाये जाने चाहिए, जिससे लोगों को फल भी मिले और दस-पंद्रह साल में पेड़ तैयार हो जाने पर उसे बेच कर कमाई भी हो सका।
उन्होंने कहा कि पेड़ों का अध्यात्मिक महत्व भी काफी है, भारतीय संस्कृति में पेड़-पौधे की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि झारखंड में काफी पेड़ और बांस पाये जाते है, यूरोपीय देशों में बांस से बने उत्पादों की काफी मांग है, इसे लेकर एक अंतरराष्ट्रीय फर्नीचर कंपनी से भी बात हुई है, यहां के बांस से बने उत्पाद अब निर्यात किये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने आमजनों से भी अपील की है कि लोग पांच-पांच पौधे लगाये और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाय
इस अभियान के तहत सबसे अधिक पौधे साहेबगंज जिले में गंगा नदी के किनारे लगाये जाएंगे, यहां गंगा नदी के शकुंतला घाट पर करीब 2.36लाख पौधे लगाये जाएंगे। इस अभियान की शुरुआत राजमहल के विधायक अनंत कुमार ओझा ने किया।
राज्य के 24 जिलों में 2 जुला से 15 अगस्त तक आयोजित नदी महोत्सव सह वृहत वृक्षारोपण अभियान के तहत कुल ढ़ा करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के पहले दिन आज 24 जिलों में 24 नदियां और 140किलोमीटर क्षेत्र में एक ही दिन में 9 लाख पौधे लगाये जा रहे है। इस अभियान का उद्देश्य जलस्रोतों के प्रवाह को संतुलित करना और बाढ़-सुखाड़ का असर कम हो सकता है। नदी किनारे पौधरोपण से मिट्टी का कटाव भी रोका जा सकेगा और आसपास की बायोडायवर्सिटी भी संरक्षित होगी। जिन 24 नदियों के किनारे आज पौधे लगाये है, उनमें गंगा नदी के अलावा बराकर, मयूराक्षी, गेरुआ, बांसलोई, अजय, सकरी, केवट, खेडुआ, पुरैनी,बासा व हेरु, स्वर्णरेखा, उसरी, गरगा, बराकर, स्वर्णरेखा, रोरो, कांची, पालमाड़ा, कांस, शंख, औरंगा , दानरो और उत्तरी कोयल नदी शामिल है।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *