सत्ता के लिए कितने दरवाजे मत्था टेकेंगे हेमंत – भाजपा

रांची,6जुलाई। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सोरेन के कांग्रेस ऑफिस जाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के मुद्दे पर पलटवार करते हुए कहा कि गुरु जी के समय की झारखंड मुक्ति मोर्चा और हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा में आसमान जमीन का अंतर हो गया है।गुरु जी आंदोलन की अगुवाई किया करते थे और अब हेमंत सोरेन सत्ता के लिए दरवाजा- दरवाजा मत्था टेकते चल रहे हैं। श्री शाहदेव ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा कल के बंद की विफलता से बकवास हो गया है ।जनता ने बंद को रिजेक्ट कर के एक बड़ा संदेश दिया। आज विपक्ष का यह दावा कि बंद में एक लाख से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए पूरी तरह से हास्यस्पद है। जब नेता प्रतिपक्ष सड़क पर उतरे तो उनके साथ बमुश्किल 20-25 लोग थे। 19 विधायक वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता के साथ सिर्फ 25 लोगों का ही रहना जमीनी हकीकत बयां करता है। कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व को क्या प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अजय कुमार ने स्वीकारा है या पूरे कांग्रेस का निर्णय है ?क्योंकि कल पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय बाबूलाल मरांडी के साथ जुलूस में शामिल थे ।कांग्रेस में ही इस मुद्दे पर एकमत नहीं है नेता। श्री शाहदेव ने कहा कि बंद के दौरान विपक्ष के नेताओं ने जिस तरीके से हिंसा की कोशिश की वह अति निंदनीय है ।दिव्यांग टीचर को पीटा गया। बच्चों को कांग्रेस के झंडे पकड़ाए गए। बच्चों को सड़क जाम करने के लिए सड़क पर भोजन का लालच देकर बैठाया गया ।विपक्षी दलों ने नैतिकता की सभी सीमाएं तोड़ दी।
श्री शाहदेव ने नेता प्रतिपक्ष से जानना चाहा कि जब उच्च न्यायालय ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के द्वारा बंद बुलाने और बंद को लागू करने पर पाबंदी लगा रखी थी। तो वह संवैधानिक पद पर रहते हुए कैसे सड़कों पर उतरे? कैसे उनके कार्यकर्ताओं ने जगह जगह तोड़फोड़ करने की कोशिश की? क्या यह पूरा प्रकरण स्पष्ट नहीं करता कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं का संवैधानिक संस्थाओं पर कोई आस्था नहीं है।

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