तीन वर्षां में 3.41लाख महिला बंध्याकरण व पुरुष नसबंदीःस्वास्थ्य मंत्री

 विश्व जनसंख्या दिवस पर, ’एक सार्थक कल’ की शुरुआत परिवार नियोजन के साथ
रांची,11जुलाई। स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में 341529 महिला बंध्याकरण एवं पुरुश नसंबदी कराई गई। पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 में 1586 पुरुष नसबंदी तथा 99820 महिला बंध्याकरण तथा 1,30,000 आई0यू0सी0डी0 लगाये गये है। राज्य सरकार ने विगत वर्शों में इस दिशा में अनेक कदम उठाये हैं। परन्तु इन्हें सार्थक बनाने के लिए और भी अधिक कठोर कदम उठाना आवश्यक है। देश के स्वर्णिम भविश्य के लिए हमें कुछ ऐसे निर्णय भी लेने होंगे जिसका दुरगामी परिणाम सुखद हो। वे विश्व जनसंख्या दिवस पर आज रांची में राज्य स्तरीय जनसंख्या स्थिरता पखवारा के उदघाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस दिशा में देश व्यापी जागरुकता उत्पन्न होती है, तो निसंदेह हम विश्व के अग्रणी देशों में अपना स्थान बना सकते है। जनसंख्या में वृद्धि के कई कारण है जिसे दूर करने की आवश्यकता है। गरीबी, अशिक्षा रुढ़िवादिता तथा संकीर्ण विचार आदि भी जनसंख्या वृद्धि के अन्य कारण है। बढ़ती हुई जनसंख्या पर अंकुश लगाना देश की चहुंमुखी विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि इस दिशा में सार्थक कदम नहीं उठाए गए तो वह दिन दूर नहीं जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाएगी। इस उपलक्ष्य में स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष दिनांक 27 जून से 10 जुलाई 2018 तक “दम्पत्ति सम्पर्क पखवारा“ एवं 11 जुलाई से 24 जुलाई 2018 तक जनसंख्या स्थिरता पखवारा मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने जनसंख्या स्थिरिता पखवारा का मंत्र “एक सार्थक कल की शुरुआत परिवार नियोजन के साथ“ को सफल बनाने का संकल्प लिया गया।
इस मौके पर स्वास्थ्य सचिव निधि खरे ने कहा कि झारखण्ड का आर्थिक वृद्धि दर भारतवर्श में प्रथम स्थान रखता है परन्तु इसका लाभ राज्य के आम जनता तक नहीं पहुँच पा रहा है उनके जीवन स्तर में आवश्यक बदलाव नहीं आ रहे है इसका मुख्य कारण जनसंख्या का वृद्धि दर है।
प्रधान सचिव द्वारा आभी हाल के दिनों में सदर अस्पताल राँची तथा रिम्स, राँची में अपने द्वारा मैटरनीटि वार्ड में किये गये भ्रमण के दौरान दो, तीन, चार और चार से ज्यादा बच्चों वाली माताओं से मुलाकात कर दुख व्यक्त किया तथा सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिया कि प्रत्येक संस्थागत प्रसव की माताओं को सक्रिय परामर्श की सेवा दी जाय तथा उसका उचित फोलोअप किया जाय। प्रधान सचिव ने राज्य में लगभग 38प्रतिशत 18 र्व्ष से कम उम्र के लडकियों की होने वाली शादी पर चिन्ता प्रकट की। उन्होंने सभी सहियाओं को निर्देश की अपने कार्य क्षेत्र में अभियान चलाकर जागरुकता पैदा करें जिससे की कम उम्र की किशोर-किशारियों की शादी पर रोक लगे। इसे अपनी सामाजिक जिम्मेवारी समझे तथा आवश्यकता पड़ने पर अपने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दें।
उन्होंने सहिया तथा ए0एन0एम0 को सभी योग्य दम्पत्तियों का सर्वे घर-घर जाकर करने का निदेश दिया तथा इस पखवारे में प्रत्येक सहिया को 10 एवं प्रत्येक ए0एम0एम0 को 50 नये परिवार नियोजन संबंधी लाभुक तैयार करने की जिम्मेवारी दी जिससे की परिवार नियोजन के कार्यक्रम में गतिशालता आये। उन्होने परिवार नियोजन कोशांग को निर्देश दिया कि आवश्यकता अनुसार चिकित्सा पदाधिकारीयों एवं ए0एन0एम0 की प्रशिक्षण की व्यवस्था करें जिससे उनके कार्यो की गुणवत्ता में सुधार हो। पखवारा का निरंतर अनुश्रवण करने का निदेश दिया। उन्होंने विश्व जनसंख्या दिवस के मेला पखवारा का मंत्र “जोड़ी जिम्मेदार जो प्लान करे परिवार“ को सफल बनाने का संकल्प लिया गया। पखवारा का अनुश्रवण, ब्लॉक स्तर, जिला स्तर तथा राज्य स्तर पर करने को निर्देश दिया जिससे की वांछित लक्ष्य की प्राप्ति की जा सके। इस अवसर पर कृपानन्द झा, अभियान निदेशक, राश्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड, डॉ0 राजेन्द्र पासवान, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएँ, डॉ0 जे0पी0सिंह, निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएँ डॉ0 शिवशंकर हरिजन, सिविल सर्जन, राँची तथा डॉ0 आर0के0सिंह राज्य नोडल पदाधिकारी, परिवार नियोजन कोशांग उपस्थित थे।

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