विकास के लिए पूंजी सृजन में नाबार्ड ने अहम भूमिका निभायी-सरयू राय

रांची,12जुला । राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने कहा है कि आधारभूत संरचना के विकास के लिए पूंजी सृजन की आवश्यकता है और जमीनी स्तर पर नाबार्ड इसमें काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वे गुरुवार को नाबार्ड के 37वां स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
सरयू राय ने कहा कि आधारभूत संरचना के विकास के लिए पूंजी का सृजन जरुरी है,लेकिन यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि यह पूंजी निहित स्वार्थी समूहों के हाथ न लग जाए। उन्होंने कहा कि नाबार्ड गारंटी के साथ पूंजी लगाती है, यही कारण है कि नाबार्ड द्वारा निवेश राशि कभी डूब नहीं सकता है। उन्होंने बताया कि क ऐसे उदाहरण देखने को मिले है, जिसमें देखा गया है कि नाबार्ड ने कम राशि योजना को पूरा किया है, वहीं दूसरी वित्तीय एजेंसियों द्वारा काम कराने से उसी तरह की योजनाओं की लागत काफी अधिक बढ़ जाती है।
इस मौके पर रांची नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक शरद झा ने समारोह को संबोधित करते हुए बताया कि संस्थान की ओर से वित्तीय समावेशन को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका निभायी जा रही है। उन्होंने बताया कि नाबार्ड की ओर से सिंचा , कृषि और पेयजल समेत अन्य क्षेत्रों में वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी गयी है। उन्होंने बताया कि नाबार्ड की ओर से निचले स्तर पर पूंजी उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे है। इसके अलावा वित्तीय साक्षरता की दिशा में भी क प्रयास किये गये है। उन्होंने बताया कि सिंचा की क्षमता को विकसित करने के लिए 590 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करायी गयी है।
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक ने कहा कि 37वर्षां के कार्यकाल में नाबार्ड ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक वित्तीय संस्थान के नाम पर प्रसिद्धि हासिल की है। हाल के वर्षां में नाबार्ड द्वारा दो महत्वपूर्ण काम किये गये है, पहल तो किसान क्रेडिट कार्ड को रुपे कार्ड में बदला जा रहा है, वहीं स्वयं सहायता समूहों के खातों का भी डिजिटीला जेशन किया गया है।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *