एक ही परिवार के छह सदस्यों की सनसनीखेज मौत

हत्या-आत्महत्या जैसी कांड की पुनरावृति
रांची,15जुला । दिल्ली में पिछले दिनों चर्चित 11 सदस्यों की हत्या-आत्महत्या जैसी कांड की पुनरावृति झारखंड के हजारीबाग में भी हु है। हजारीबाग जिले में एक ही परिवार के छह सदस्यों के शव को बरामद किया गया है। घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कर्ज में डूबे ड्रा फ्रूट व्यवसायी नरेश अग्रवाल और पिता, मां, पत्नी और दो बच्चों का शव घर में अलग-अलग स्थानों से बरामद किया गया।
घटना के संबंध में मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हजारीबाग सदर थाना क्षेत्र के खजांची तालाब के निकट एक अपार्टमेंट में रहने वाले महावीर अग्रवाल के छह परिजनों की सनसनीखेज मौत हो गयी। परिवार के दो सदस्यों का शव एक छत के हुक से लटका हुआ पाया गया, जबकि एक महिला का शव लहलुहान अवस्था में बिस्तर पर पड़ा मिला। वहीं महावीर अग्रवाल के पुत्र नरेश अग्रवाल का शव अपार्टमेंट के बाहर पड़ा मिला। सूचना है कि उसकी मौत छत से कूदने से हु थी।
घटना की जानकारी मिलने पर सदर डीएसपी और पुलिस बल पहुंच गया है, मामले की जांच की जा रही है।महावीर अग्रवाल का ड्रा फ्रूट का व्यवसाय था। घटना के संबंध में स्थानीय लोग तरह-तरह की बातें कर रहे है। कुछ लोगों का कहना है कि नरेश अग्रवाल ने पहले अपने पिता, मां, पत्नी और दो बच्चों की हत्या की, बाद में खुद छत से कूदकर अपन जान दे दी। बताया गया है कि नरेश ने अपने 70 साल के पिता महावीर अग्रवाल, 65साल की मां किरण देवी, 35साल की पत्नी नीता देवी और बेटे अमन व बेटी अन्वी की हत्या करने के बाद खुद छत से कूदकर अपनी जान दे दी। पूरा परिवार सदर थाना क्षेत्र के सीबीएम अपार्टमेंट के तीसरे तल्ले पर 302 नंबर की फ्लैट में रहता था। सूत्रों के मुताबिक परिवार के छह लोगों में दो लोगों ने फांसी लगाकर जान दी, एक बच्चे की धारदार हथियार से हत्या कर दी, जबकि एक बच्ची को जहर देकर मारा गया और एक महिला की गला दबाकर हत्या की गयी। परिवार के सबसे बुजुर्ग सदस्य महावीर अग्रवाल और उनकी पत्नी किरण अग्रवाल ने फांसी लगाकर अपने जीवन का अंत किया,तो बच्चे अमन की धारदार हथियार से गला काट कर हत्या की गयी, वहीं नरेश की पत्नी की गला दबा कर और बच्ची को जहर देकर मारने की बात कही जा रही है। जबकि नरेश ने छत से कूद कर अपनी जान दे दी।
घटनास्थल पर पहुंचे डीएसपी ने बताया कि नरेश के घर से एक सुसाइड नोट भी मिला है,जिसमें ऐसा खौफनाक कदम उठाये जाने के पीछे कारणों का जिक्र किया गया है। सुसाइड नोट के मुताबिक महेश्वरी कर्ज में डूबे थे, उनका कारोबार नहीं चल रहा था,इसलिए ऐसा कदम उठाया। पत्र में यह भी लिखा है कि अमन को लटका नहीं सकते थे,इसलिए उसकी हत्या की गयी। बीमारी, दुकान बंद, दुकानदारों का बकाया ना देना, बदनामी और कर्ज से तनाव फिर मौत की बात लिखी गयी है।
डीआईजी पंकज कंबोज ने प्रथम दृष्टया मामले को आत्महत्या बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। डीआईजी ने बताया कि नरेश कुमार अग्रवाल पर करीब 50लाख रुपये के बकाये की बात परिजन बता रहे हैं, इन पर बकाये राशि एवं मार्केट से ली जाने वाली राशि की भी जांच किया जाएगा।

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