पक्ष-विपक्ष के बीच तकरार के साथ मॉनसून सत्र शुरु

 पहले दिन ही विपक्ष ने दिखाये तेवर
रांची,16जुलाई । झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरु हो गया। 21 जुलाई तक चलने वाले सत्र में छह कार्य दिवस होंगे। पहले दिन राज्यपाल द्वारा प्राख्यापित अध्यादेशों की प्रमाणीकृत प्रतियां और राज्यपाल द्वारा अनुमत विधेयकों की विवरणी को सभा पटल पर रखा गया। सदन पटल पर राष्ट्रपति द्वारा मंजूर भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक की प्रति भी रखी गयी।
विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने अपने प्रारंभिक वक्तव्य में कहा कि वे किसी सदस्य के अधिकारों का हनन नहीं होने देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सदस्य अपने कर्तव्यों का पालन करें तो दूसरे सदस्य के अधिकार की रक्षा स्वतः हो जाएगी । विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सभा के लिए निर्धारित कार्य का निष्पादन कैसे करें यह सभी को सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभा के बाहर किसी भी सर्वदलीय बैठक, सचेतकों की बैठक या दलीय बैठक कर ली जाए ,लेकिन इसका सार्थक प्रभाव सभा में नहीं दिखता है तो इसकी सार्थकता सिद्ध नहीं होती। उन्होंने कहा कि सभा में अव्यवस्था का माहौल बने इसके लिए सदन नेता, नेता प्रतिपक्ष, दलीय नेता और सचेतक को को विशेष प्रयास करने होंगे।
मॉनसून सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्यक्ष ने पीठासीन पदाधिकारियों (सभापतियों) और कार्यमंत्रणा समिति के सदस्यों का मनोनयन किया। मॉनसून सत्र के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्टीफन मरांडी, भाजपा के अशोक कुमार, फूलचंद मंडल, कांग्रेस के आलमगीर आलम और जय भारत समानता पार्टी की गीता कोड़ा सभापति मनोनित किया। वहीं कार्यमंत्रणा समिति के सदस्य के रुप में मुख्यमंत्री रघुवर दास, नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन, संसदीय कार्यमंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी, कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम और झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव तथा विशेष आमंत्रित सदस्य के रुप में मंत्री सीपी सिंह, सरयू राय, सत्तारुढ़ दल के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर,झामुमो के मुख्य सचेतक नलीन सोरेन, झामुमो के स्टीफन मरांडी, रवींद्र नाथ महतो, कांग्रेस के सुखदेव भगत, भाजपा के विरंची नारायण, मासस के अरुप चटर्जी, जयभारत समानता पार्टी की गीता कोड़ा, भाकपा-माले के राजकुमार यादव, बसपा के कुशवाहा शिवपूजन मेहता और भाजपा के अनंत ओझा का मनोनयन किया।
सत्र के पहले पिछले द्वादश सत्र से अब तक की अवधि में विभिन्न राजनेताओं ,समाजसेवी, साहित्यकार और अन्य हादसों में निधन होने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई । विधानसभा अध्यक्ष ने वयोवृद्ध राजनेता बागुन सुम्ब्र ,मसीही सोरेन, अवधेश कुमार सिंह ,एसपी शाही कामेश्वर पासवान ,बालकवि बैरागी ,पदमा साझा कवि केदारनाथ सिंह ,प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंस हिंदी फिल्म जगत की मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी ,न्यायधीश आर आर प्रसाद तथा राजेंद्र सच्चर और झारखंड कैडर के आ पीएस अधिकारी प्रवीण कुमार को श्रद्धांजलि दी । मुख्यमंत्री रघुवर दास, नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन, कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम और झारखंड विकास मोर्चा विधायक दल के नेता प्रदीप यादव समेत अन्य दलों के नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी। दिवंगत आत्माओं को सदन में श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सभा की कार्यवाही मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने अपने तीखे तेवर का परिचय देते हुए भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक समेत अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन के बीच शब्दों के वाण भी चले, जिसके कारण कुछ क्षण के लिए सदन का माहौन गरमा गया।

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