कैबिनेट ने सात विधेयकों के प्रारुप को दी मंजूरी

मॉनसून सत्र में किया जाएगा पेश
रांची,17जुलाई। झारखंड सरकार ने मंगलवार को सात विधेयकों के प्रारुप को मंजूरी प्रदान कर दी। इन विधेयकों को चल रहे मॉनसून सत्र में सदन में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में आज रांची के झारखंड मंत्रालय में हुई बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गयी। इनमें से चार विधेयक प्राईवेट यूनिवर्सिटी से संबंधित है।वहीं दो विधेयकों के प्रारुप पर घटनोत्तर मंजूरी दी गयी। इन दो विधेयकों को कैबिनेट से मंजूरी मिलने की प्रत्याशा में पूर्व में ही मुख्यमंत्री से स्वीकृति लेकर विधानसभा में पेश करने के लिए सभा सचिवालय को सूचना भेज दी गयी थी।
कैबिनेट की बैठक समाप्त होने बाद मंत्रिमंडलीय सचिव एसकेजी रहाटे ने बताया कि मगही, भोजपुरी, मैथिली तथा अंगिका को झारखण्ड राज्य की द्वितीय राजभाषा घोषित करने के लिए बिहार राजभाषा (झारखण्ड संशोधन) विधेयक, 2018, भारतीय मुद्रांक अधिनियम, 1899 की अनुसूची 1 में संशोधन के लिए वित्त विधेयक 2018, झारखण्ड अधिवक्ता लिपिक कल्याण निधि विधेयक 2018 , रामकृष्ण धर्मार्थ फाउंडेशन (आर.के.डी.एफ.) विश्वविद्य्नालय विधेयक 2018 रांची , राधा गोविन्द विश्वविद्य्नालय, रामगढ़, रामचंद्र चन्द्रवंशी विश्वविद्य्नालय, पलामू और नेताजी सुभाष विश्वविद्य्नालय, जमशेदपुर विधेयक 2018 के प्रारुप को स्वीक¤ति दी गयी। ।

ई-विद्य्नावाहिनी के मॉनिटरिंग के लिए 71.62करोड़
वित्तीय वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में ज्ञानोदय योजनान्तर्गत ई -विद्य्नावाहिनी योजना एवं नीति आयोग के साथ हुए त्रिपक्षीय एकरारनामा के क्रम में गुणवत्त शिक्षा हेतु नियमित मॉनेटरिंग के लिए 71.62 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी।

चार जिलों में 5000एमटी क्षमता वाला कोल्ड स्टोरेज ’
वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (सहकारिता प्रभाग) अंतर्गत प्रस्तावित राज्य के विभिन्न जिलों में 5000 एम.टी. शीत गृहों (कोल्ड स्टोरेज) के निर्माण के लिए 30.91 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी। वहीं उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में एकीकृत बिहार के समय से चले आ रहे 12 नवांगीभूत महाविद्य्नालयों के 159 शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मियों के सेवा का अन्तर्लीनीकरण एवं उनके वेतन निर्धारण के अनुमोदन की स्वीकृति दी गई।

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