विस के मानसून सत्र में हंगामे के बीच अनुपूरक बजट पेश

रांची,17जुलाई।झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सभा की कार्यवाही पूरी तरह से बाधित रही। भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक को निरस्त करने की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सभा की कार्यवाही को विधानसभा अध्यक्ष ने पूर्वान 11बजकर 21 मिनट पर दोपहर 12.30बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही दुबारा शुरु होने पर संसदीय कार्य मंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष का प्रथम अनुपूरक बजट सभा पटल पर रखा।
इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरु होने के साथ ही नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक पर अपनी बात रखते हुए कहा कि राज्य सरकार जन भावना के अनुरुप इस संशोधन विधेयक को निरस्त करें ।उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही सुचारु रुप से नहीं चल पा रही है ,यह खेद का विषय है ।उन्होंने कहा कि जन मुद्दे के अहम सवाल पर सदन में चर्चा नहीं हो पा रही हैं लेकिन विपक्ष करें तो क्या करें ।इस मंच पर अपनी बात नहीं रखें ,तो कहां अपनी बात को रखा जाए।उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा आश्वासन दे जिसका विपक्ष भी सराहना करें ।श्री सोरेन ने कहा कि सदन ही सब कुछ है ,यहीं से कानून बनती है योजनाएं बना जाती है। उन्होंने कहा कि आज राज्य में सड़क, बिजली और पानी की स्थिति कैसी है ,यह जगजाहिर है सरकार अपनी योजना पर खुद सवाल खड़ा कर रही है ।स्थानीय नियोजन नीति ,सीएनटी और एसपीटी एक्ट जैसे क संवेदनशील मुद्दे हैं ।सीएनटी और एसपीटी एक्ट में संशोधन के मुद्दे पर सरकार ने जिस तरह संवेदनशीलता दिखा ,इसी तरह भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक पर भी संवेदनशीलता जरुरी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार आंदोलनरत है सदन की कार्यवाही चले इसके लिए जरुरी है कि सरकार इस कानून को निरस्त करें ।उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक जन भावना के विपरीत है ।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऐसी स्थानीय नीति बनाई गई , जिससे लोगों को स्थानीयता का प्रमाण पत्र भी नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि लोगों की जमीन सीसीएल,एचईसी और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों ने अधिग्रहण कर लिया है ।इसलिए स्पीकर इस अधिनियम को निरस्त करने का नियमन दे ।
संसदीय कार्य मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की ओर से जिन बातों को उठाया गया है ,उन सवालों को लेकर राज्य सरकार भी गंभीर है और सरकार चाहती है कि सदन में चर्चा को और इन गंभीर विषयों पर समाधान का रास्ता निकले। उन्होंने भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक पर विपक्षी दलों की भूमिका को नकारात्मक बताते हुए कहा कि यह विषय टीएसी की बैठक में आया था और टीएसी की बैठक में सहमति मिलने के बाद ही विधानसभा में चर्चा के लिए लाया गया लेकिन तब विपक्षी दलों ने इस पर चर्चा नहीं की। उन्होंने बताया कि जो संशोधन आया है उस पर टीएसी की बैठक में विपक्षी दलों के सदस्यों ने भी हस्ताक्षर किए हैं। संसदीय कार्य मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष घड़ियाली आंसू बहा रहा है और सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है ।संसदीय कार्य मंत्री के इस वक्तव्य पर विपक्ष के क सदस्य वेल में आकर शोर शराबा करने लगे । विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी योजनाओं के लिए नहीं बल्कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए और उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए जमीन अधिग्रहण करने के लिए यह कानून बनाया गया है। विपक्ष के क विधायक शोरगुल करते हुए वेल में आ गए जिसके कारण विधानसभा अध्यक्ष ने पूर्वाहन 11ः00 बज कर 21 मिनट पर सदन की कार्रवा दोपहर 12ः30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
विधानसभा की कार्रवा दोबारा शुरु होने पर विपक्षी सदस्य अपनी बातों को लेकर शोर शराबा करने लगे ,जबकि सत्ता पक्ष के विधायकों ने सुखाड़ पर चर्चा की मांग को लेकर अपने स्थान से खड़ा होकर सदन की कार्रवा सुचारु रुप से चलाने की मांग करने लगे ।पक्ष विपक्ष के सदस्यों के शोर शराबे के बीच ही संसदीय कार्य मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने चालू वित्तीय वर्ष का प्रथम अनुपूरक बजट सभा पटल पर रखा ।करीब 2596 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट पर कल सदन में चर्चा होगी ।इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही कल पूर्वाह्न 11ः00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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