साथी नहीं होते,तो जा सकती थी जानः स्वामी अग्निवेश

रांची,17जुलाई। स्वामी अग्निवेश ने पाकुड़ में भाजयुमो कार्यकर्त्ताओं द्वारा पिटाई के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज यदि उनके साथी नहीं होते तो जान भी जा सकती थी।
स्वामी अग्निवेश ने सत्तारुढ़ दल के कुछ कार्यकर्त्ता होटल के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे,उन्होंने उन्हें बातचीत के लिए अंदर बुलाया भी था, लेकिन वे बातचीत तैयार नहीं है और जब वे खुद होटल से बाहर निकले,तो उनपर हमला कर दिया गया। उन्होंने बताया कि पिटाई के दौरान वे लोग गंदी-गंदी गालियां भी दे रहे थे। जैसे ही वे दरवाजा खोलकर बाहर निकले, वे लोग उनपर टूट पड़े, इस दौरान स्वामी अग्निवेश बार-बार हाथ जोड़ते रहे और उनसे पूछते रहे कि बताओ भाई बात क्या है, लेकिन वे लोग कुछ सुनने को तैयार नहीं थे।सिर्फ उनके ऊप्र लात-घूंसे की बारिश कर रहे थे।
स्वामी अग्निवेश ने बताया क उनलोगों ने उनके कपड़े भी फाड़ डाले, पगड़ी उतार दिया और चश्मा तोड़ दिया। इसके साथ ही मोबाइल भी छीन लिये। उसके बाद पत्थर उठाकर उनके सिर पर मारने ही वाले थे कि उनके सहयोगी ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया और उन्हें बचा लिया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के आयोजकों ने उनके आने की सूचना पहले ही प्रशासन को दे दी थी,उसके बाद भी ऐसा हुआ। उन्होंने आरोपियों की शिनाख्त कर कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि लिट्टीपाड़ा में सौउरिया पहाड़िया आदिम जनजाति समुदाय के संगठन दामिन-ई-कोह का 195वां स्थापना दिवस समारोह में सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर 5 जुलाई को ही स्थानीय प्रशासन को सूचना दे दी गयी थी, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किये गये।

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