झारखण्ड में 97,998 एम.एस.एम. का पंजीकरण

एम.एस.एम. . राज्य मंत्री ने राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी के प्र न के उत्तर में दी जानकारी
रांची,18जुलाई। केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्य्नमों (एम.एस.एम. .) मंत्रालय ने एम.एस.एम. . के पंजीकरण हेतु उद्य्नोग आधार ज्ञापन (यू.ए.एम.) पोर्टल सितंबर 2015 में लान्च किया था । इस पोर्टल पर पिछले तीन सालों में कुल 48,39,549 एम.एस.एम. . पंजी.त हुए हैं। इनमें गुजरात के 4,86,080 और झारखण्ड के 97,998 एम.एस.एम. . शामिल हैं। केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्य्नम(एम.एस.एम. .) राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह ने आज राज्य सभा को सांसद परिमल नथवाणी द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी उपलब्ध करवा ।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यू.ए.एम. लान्च होने से पूर्व वर्ष 2013-14 और 2014-15 के दौरान 7.88 लाख एमएसएम ने उद्य्नमी ज्ञापन दर्ज किए । उन्होंने बताया कि, पिछले तीन सालों में देश में यू.ए.एम. पोर्टल पर 24,248 एमएसएम का पंजीकरण रद्द् हुए हैं । इनसें गुजरात के और झारखण्ड के क्रमशः 25 और 927 एम.एस.एम. . का पंजीकरण रद्द् हुआ है । परिमल नथवाणी ने मंत्रालय द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्य्नमों (एमएसएम ) के पंजीकरण, एमएसएम पंजीकरण के लाभ औरसरकार द्वारा एमएसएम पंजीकरण को बढ़ाने हेतु किए गए प्रयास के बारे में जानकारी मांगी थी।
एम.एस.एम. . पंजीकरण के लाभ की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पंजी.त एम.एस.एम. . सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्य्नम मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं जैसे एम.एस. के लिए क्रेडिट गारंटी योजना, क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना, एमएसएम के लिए लीन विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता योजना, सूक्ष्म और लघु उद्य्नम क्लस्टर विकास कार्यक्रम (एम.एस. .-सी.डी.पी.), नवोन्मेष, ग्रामोद्य्नोग और उद्य्नमिता संवर्धन की योजना (एस्पायर), पारंपरिक उद्य्नोगों के पुनरुद्धार के लिए निधि की संशोधित योजना (स्फूर्ति), एम.एस.एम. . के लिए डिज़ाइन क्लिनिक योजना, जेड प्रमाणन में एम.एस.एम. . के लिए वित्तीय सहायता योजना इत्यादि और अन्य मंत्रालयों की योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं ।
क्ेंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसके अलावा यू.ए.एम. पोर्टल पर पंजी.त एम.एस.एम. . को निःशुल्क निविदा सैट, अग्रिम राशि के भुगतान से छूट, एमएस को खरीद में प्राथमिकता, 358 उत्पाद केवल एमएस से खरीदे जाने के लिए निर्धारित और पूर्व अनुभव पूर्व टर्नओवर मापदण्ड के संदर्भ में छूट का लाभ भी मिलता है।
उन्हों ने यह भी बताया कि एमएसएम क्षेत्र के महत्व को स्वीकार करते हुए, हाल ही के एक अध्यादेश द्वारा सरकार को दिवालियापन एवं ऋणशोधन अक्षमता कोड (इन्साल्वेंसी एण्ड बैंकरप्टसी कोड) के अंतर्गत एमएसएम के लिए विशेष छूट प्रदान करने की शक्ति दी ग है । राज्य सरकारों और उद्य्नोग संघ से यूएएम पोर्टल पर पंजीकरण बढ़ाने के लिए वार्ता, विडियो कॉन्फ्रेसिंग द्वारा पारस्परिक सत्र के माध्यम से अनुरोध किया गया है, ऐसा मंत्रीजी ने बताया। उन्होंने बताया कियूएएम में नामांकन के लिए विभिन्न राज्य स्तरीय कॉन्क्लेवों में हेल्पडेस्क की व्यवस्था भी की ग है ।

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