स्वामी अग्निवेश के मुद्दे विस में हंगामा

प्रथम अनुपूरक बजट पारित
रांची।झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को स्वामी अग्निवेश पर हमले के मामले को लेकर सभा की कार्रवा पूरी तरह से बाधित रही और प्रश्नोत्तर काल के दौरान किसी भी सवाल जवाब पर चर्चा नहीं हुई। भोजनावकाश के बाद हंगामे के बीच चालू वित्तीय वर्ष के लिए 2596 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट पास हो गया। विपक्षी दलों के विधायक वेल में आकर देर तक हंगामा करते रहे।
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव के आसन ग्रहण करने के साथ ही विपक्ष के क सदस्य स्वामी अग्निवेश पर हमले और भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक को लेकर शोर शराबा करने लगे। नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने स्वामी अग्निवेश को विदेशी एजेंट, विदेशी दलाल और फ्राड की संज्ञा दी ।जिसके बाद विपक्षी सदस्य और उत्तेजित हो गये।संसदीय कार्य मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की घटना सही नहीं है ।उन्होंने कहा कि इस घटना की जानकारी मिलते ही सरकार और मुख्यमंत्री ने तुरंत मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने संतालपरगना प्रमंडल के आयुक्त और डीआ जी को जांच का जिम्मा सौंपा है। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे सरकार उनके खिलाफ कार्रवा करेगी।
नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने सरकार द्वारा की ग कार्रवा पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कार्रवा की जगह दोषियों को पुलिस की कस्टडी से मुक्त कराने का काम किया ।झारखंड विकास मोर्चा के विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि जिस प्रकार पकड़े गए दोषियों को पुलिस ने छोड़ दिया ,यह एक गंभीर विषय है ।उन्होंने यह मांग की कि सरकार सदन को यह बताएं कि किस व्यक्ति के कहने पर आरोपियों को छोड़ा गया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की बात नहीं है बल्कि व्यवस्था का सवाल है ।उन्होंने सरकार पर इस मामले की लीपापोती करने का आरोप लगाया ।
संसदीय कार्य मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहां की राज्य में जब 5 बच्चियों के साथ बलात्कार की घटना होती है तो विपक्ष कुछ नहीं कहता है और आज सदन को चलने नहीं दिया जा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष कहा कि सदन में यह विचार सदन को यह विचार करना चाहिए कि प्रश्नकाल चले या नहीं या इसी तरह सभा को विभिन्न मुद्दों पर उलझा कर रखा जाए। इस मुद्दे को लेकर सदन में हो रहे शोर शराबे के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही दोपहर 12ः45 तक के लिए स्थगित कर दी ।सभा की कार्यवाही दोबारा शुरु होने के बाद भी विपक्ष के सदस्य इस मुद्दे को लेकर पुनः हंगामा करने लगे और अपनी बातों को रखते हुए आसन के निकट आ गए ।झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्टीफन मरांडी ने कहा कि स्वामी अग्निवेश पर हमले की घटना से झारखंड की पूरे देश में बदनामी हो रही है ।उन्होंने इस मसले पर मुख्यमंत्री से वक्तव्य देने की मांग की ।विपक्षी सदस्यों के को हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने दामोदर घाटी निगम ,डीवीसी का वार्षिक प्रतिवेदन सभा पटल पर रखा ।विधानसभा अध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही दोपहर 2ः00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर 2ः00 बजे से अनुपूरक बजट पर चर्चा होनी थी, लेकिन हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने दोपहर 2.45 मिनट तक सभा की कार्यवाही स्थगित कर दी और दुबारा कार्यवाही शुरु होने पर विपक्ष के हंगामे के बीच ही प्रथम अनुपूरक बजट को ध्वनिमत से पारित कर दिया, इसके साथ ही विधानसभा की कार्यवाही गुरुवार पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

विस में बिना चर्चा के 2596करोड़ का अनुपूरक बजट पारित
रांची,18जुलाई। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन आज हंगामे के कारण प्रश्नकाल बाधित रहा। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव नहीं लिए जा सके। शून्यकाल भी नहीं हुआ। भोजनावकाश के बाद हंगामे के बीच चालू वित्तीय वर्ष के लिए 2596 करोड़ का पहला अनुपूरक बजट पास हो गया। विपक्षी दलों के विधायक वेल में आकर देर तक हंगामा करते रहे।

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