विदेशी फंड को लेकर एनजीओ के दफ्तरों में सीआईडी की छापेमारी

रांची,10अगस्त। झारखंड में अपराध अनुसंधान ब्यूरो, सीआईडी नेविदेशी फंड के गलत इस्तेमाल के अंदेशा को लेकर एक साथ दर्जनों गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के दफ्तरो में छापेमारी की।
सीआईडी अधिकारियों की अलग-अलग टीम नेशुक्रवार को राजधानी रांची समेत राज्य भर केविभिन्न हिस्सों में एनजीओ के ठिकानों पर सर्वे और छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण कागजात को जब्त किया गया है। रांची में मिशनरी संस्था द्वारा संचालित बाल गृह सेचार नवजात को बेचेजाने का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार की ओर से इन संस्थाओंको मिलने वाले विदेशी फंड और उसके उपयोग को लेकर छानबीन शुरु की गयी थी।
सीआईडी ने 2013 से तीन साल के भीतर में कुल 265 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त करने वाले 88 गैर सरकारी संगठनों को नोटिस दिया था। जिसमें इन एनजीओ से पूछा गया था कि क्या वेविदेशी फंड प्राप्त करने के लिए प्रासंगिक कानून के तहत पंजी.त है या नहीं, साथ ही उनके पदाधिकारियों का विवरण, विदेश सहित धन का स्रोत और बीते पांच साल के खर्च व आय का विवरण व अन्य जानकारियां मांगी ग हैं। इन एनजीओ ने 265 करोड़ रुपये की राशि 2013 से 2016 के बीच प्राप्त की है, जिसके बाद विशेष (खुफिया) शाखा ने 2016 में आशंका जाहिर की थी कि विदेशी धन का दुरुपयोग राज्य के विभिन्न हिस्सों में जमीन की खरीद किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक सीआईडी को विदेश से धन प्राप्त करने वाले इन एनजीओ के खिलाफ यह भी शिकायत मिली है कि एनजीओ ने कथित तौर पर वार्षिक आयकर दाखिल नहीं किया और इन्होंने अपने आय व खर्च के स्रोत को छिपाने का भी शिकायत मिली है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीआईडी ने रांची में 38 एनजीओ के ठिकानों मेंसर्वे और छापेमारी की, वहीं राज्यभर में 88 एनजीओ के ठिकानों छानबीन की। इस छानबीन में दौरान क्या-क्या पाया गया यह भी सामने नहीं आ पाया है। सीआ डी सूत्रों के अनुसार जांच अभी लंबी चलेगी। जांच पूरा होने के उपरांत ही पूरी जानकारी दी जाएगी। सीआ डी के एक अधिकारी ने बताया कि डीएसपी स्तर के अधिकारी इस जांच टीम में शामिल हैं। उनकी मदद के लिए एक इंस्पेक्टर और स्थानीय थाने को भी भेजा गया है।
इधर, विभिन्न एनजीओके ठिकानों पर हु छापेमारी को लेकर सत्तारुढ दल भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह रुटीन जांच हैऔर सर्वे किया जा रहा है। जहां आवश्यकता होगी, छापेमारी भी होगी। उन्होंने विदेशी फंडिंग के गलत इस्तेमाल की बात सामने आने की बात कही।

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