रेलवे अनुबंध कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए तैयार कर रहा है ई-एप्लिकेशन

रेल मंत्री पियूष गोयल ने राज्य सभा सांसद परिमल नथवाणी के पत्र के उत्तर में दी जानकारी
रांची,13सितंबर। भारतीय रेल अनुबन्ध आधारित कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन, वेतन भुगतान, आदि श्रम अधिकारों का अमल सुनिश्चित करने के लिए ई-एप्लिकेशन विकसित कर रहा है। राज्य सभा सांसद परिमल नथवाणी ने शताब्दी, राजधानी, दुरन्तो आदि लंबी दूरी की ट्रेन में काम कर रहे कोच परिचारकों कीकठिनाइयों के बारे में चिंता व्यक्त की थी। परिमल नथवाणी के पत्र के प्रत्युत्तर में केन्द्रीय रेल मंत्री पयूष गोयल ने बताया कि भारतीय रेल विभाग ई-एप्लीकेशन कोन्ट्रैक्ट, लेबर पेमेन्ट मेनेजमेन्ट पोर्टल ओन इन्डियन रेलवेज तैयार कर रहा है, जिसमें रेलवे ठेकेदारों द्वारा नियुक्त किए गए अनुबन्ध आधारित कर्मचारियों के नाम, पता, आधार नंबर, बेंक की जानकारी, वेतन भुगतान आदि जानकारी ठेकेदारों द्वारा दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि ई-एप्लिकेशन अनुबन्ध आधारित कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन, वेतन भुगतान, आदि श्रम अधिकारों का अमल सुनिश्चित करने में मदद करेगी। परिमल नथवाणी ने अपने पत्र में कोच परिचारकों को दिए जाने वाले कम वेतन के बारे में चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने अपने पत्र में एक मुद्दा यह भी उठाया कि कोच परिचारकों को केवल दो जोडी युनिफोर्म मिलता है। इसलिए उनको यूनिफोर्म को साफ सुथरा रखने और इस्त्री करने का समय नहीं मिलता इतना ही नहीं ट्रेन के आगमन और प्रस्थान के बीच में समय कम होने के कारण उनको आराम करने का समय भी नहीं मिलता।
राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने रेलमंत्री से इस मामले की जांच करने और कोच परिचारकों के कार्यस्थल की परिस्थितियों, वेतन संरचना और सुविधाओं के बारे में मानवीय आधार पर अनुबन्ध की शर्तों में फेरबदल करने के लिए विचार करने का आग्रह किया गया था। वे चाहते थे कि मंत्रालय सुनिश्चित करें कि भारतीय रेलवे में ठेकेदार उनके द्वारा नियुक्त अनुबन्ध आधारित कर्मचारियों को मिलने वाले तमाम हकों का पूरा लाभ कर्मचारियों को मुहैया कराए। जनवरी 2018 में रेल राज्य मंत्री राजेन गोहैन ने लोक सभा में बताया था कि रेल में 94,165 श्रमिक अनुबन्ध के तहत हैं और आउटसोर्स किए गए काम के प्रकार और मात्रा के आधार पर उनको ठेकेदारों द्वारा नियुक्त किया गया है।

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