गृह सचिव,डीजीपी व लातेहार एसपी ने हाईकोर्टमें लगायी हाजिरी, कार्यप्रणाली में सुधार का निर्देश

रांची,14सितंबर। झारखंड उच्च न्यायालय ने 15वर्ष पहले जारी वारंट की तामील कराने में पुलिस महकमे के नाकाम रहने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यप्रणाली में सुधार का निर्देश दिया गया है।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केपी देव की अदालत में शुक्रवार को गृह सचिव एसकेजी रहाटे,पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय और लातेहार के पुलिस अधीक्षक आनंद ने शुक्रवार को हाजिरी लगायी। अदालत नेपुलिसिया कार्यप्रणाली पर जम कर प्रहार किया और कामकाज के तौर तरीकों में अविलंब सुधार लाने की हिदायत दी। अदालत ने डीजीपी से पूछा कि राज्य में जितने भी वारंट लंबित हैं उनकी तामील कितने दिन में होगी।इस पर डीजीपी डीके पांडेय ने 60 दिनों का समय मांगा। न्यायाधीश ने समयसीमा 10 दिन और बढ़ाते हुए 70 दिनों के अंदर विस्तृत जानकारी कोर्ट मे रखने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति देव ने जनता का विश्वास बनाए रखने की नसीहत देते हुए जानना चाहा कि अगर अधिकारी सही से काम नहीं करेंगे तो लॉ एंड ऑर्डर कैसे सुधरेगा।
गौरतलब है कि लातेहार जिला के बरवाडीह थाने में रहने वालेदशरथ सिंह पर 15 साल पहले वारंट जारी हुआ था जिसकी तामील नहीं हो सकी। इस मामले में कोर्ट ने आज गृह सचिव,डीजीपी और लातेहार एसपी को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था।हालांकि हाईकोर्ट के कड़े रूख के बाद यह जानकारी दी गयी कि इस मामले में वारंट तामील हो चुका है। मामले की अगली सुनवाई तीन दिसंबर को होगी।

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