सांसद निधि की तर्ज पर विधायक निधि खर्च करने की अनुशंसा

विस की सदाचार एवं विधायक निधि अनुश्रवण समिति ने स्पीकर को सौंपी रिपोर्ट
रांची, 24सितंबर।झारखंड विधानसभा की सदाचार एवं विधायक निधि अनुश्रवण समिति ने सोमवार को 12वां प्रतिवेदन विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दिया। समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव को उनके कार्यालय कक्ष में रिपोर्ट सौंपी।
समिति ने विधायक मद का कार्य, राशि की निकासी एवं समायोजन एम.पी. लेड सांसद मद की तर्ज किये जाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विधायक मद तथा मुख्यमंत्री विकास योजना का कार्य एकरारनामा में निर्धारित समय-सीमा के अंदर अवश्य ही समाप्त कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी किया जाना चाहिए। समिति की अनुशंसा में कहा गया है कि कार्यादेश निर्गत करने के एक माह के अंदर यदि कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता है, तो उक्त राशि को निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी द्वारा वापस ले लेना चाहिए, स्वीकृति के पश्चात वर्षां से कार्य प्रारंभ नहीं होने वाली योजनाओं की संचिका तत्काल बंद कर अग्रिम की राशि निश्चित रूप से वापस ली जाए। साथ ही कार्य पूर्ण होने के एक माह के अंदर डीसी बिल का समायोजन अवश्य ही करा लेना चाहिए। पुस्तक की खरीदारी में उपयोगी पुस्तकों की खरीदी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रत्येक जिला में विधायक मद तथा मुख्यमंत्री विकास योजना के सुचारू रूप से संचालन के लिए एक सेल का गठन किया जाए।
सदाचार एवं विधायक निधि अनुश्रवण समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवार के अलावा विधायक मनीष जायसवाल, डॉ. जीतू चरण राम, देवेंद्र कुमार सिंह और राजकुमार पाहन सदस्य के रूप में शामिल है।

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