2019 में देश को “महाठगबंधन“ से कोई फर्क नहीं पड़ेगा-मुख्यमंत्री

रांची,15अक्टूबर। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि वर्ष 2019 में देश में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के बन रहे  “महाठगबंधन“ से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। जनता अब जागरुक हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता को पूरा भरोसा है और  21वीं सदी का विकसित भारत बनाने में देश की सवा सौ करोड़ जनता अपनी भागीदारी भी निभा रही है। मुख्यमंत्री सोमवार को जमशेदपुर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्हांने जमशेदपुर में दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए बैठक की और उपायुक्त को दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छता का खास ध्यान रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से भी अपील है कि वे भी समाज निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्ति की अधिष्ठात्री मां दुर्गा हमारे अंदर की और समाज के अंदर की भी आसुरी शक्तियों का संहार करें। मां लक्ष्मी घर-घर से गरीबी और रोगों का क्षय करें तथा राज्य में सर्वत्र सुख और समृद्धि की स्थापना करें। मां सरस्वती देश और राज्य से अज्ञानता रूपी अंधकार का लोप करते हुए ज्ञान के  प्रकाश का अभ्युदय करें और ज्ञान की  नगरी के रूप में पूरे राज्य की पहचान हो यही आराधना है। उन्होंने कहा कि झारखंड वासियों ने अलग राज्य की मांग विकास के लिए की है और राज्य की सवा तीन करोड़ जनता के विश्वास की अनंत शक्ति से ऊर्जान्वित सरकार जन-जन के विकास के लिए काम कर रही है। झारखंड में विकास की नई ऊर्जा से  लोगों में उत्साह और उमंग है और जनता अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए पूर्णतः आश्वस्त है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि के पुनीत दिन में मां भगवती से यह कामना है कि देश और समाज में समरसता और आपसी भाईचारा कायम हो और विघटनकारी शक्तियां समाज से निर्मूल हों। दुर्गा पूजा देश की एकता का पर्व है और इस एकता के पर्व में समस्त देशवासी भी एक हैं। देश में सभी देशवासियों को सर्वत्र विचरने और रहने का अधिकार संविधान ने दिया है। हमारा देश एक है, नेक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और राज्य में सरकार गांव, गरीब, महिला, किसान, नौजवानों के समग्र विकास के लिए कृत संकल्पित होकर काम कर रही है। केंद्र सरकार ने किसानों की बेहतरी के लिए फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में इजाफा किया है तो  पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का काम भी सरकार ने करोड़ों देशवासियों के हित में किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पिछले 66 वर्षों में जितने बैंक खाते नहीं खुले थे उससे कहीं अधिक बैंक खाते पिछले 4 वर्षों में खुले हैं। यह समावेशी  विकास का द्योतक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के शोषित, वंचित, गरीब, आदिवासी, दलित और पीड़ित के जीवन में बदलाव आ रहा है। राज्य  की बुनियादी सुविधा में तेजी से सुधार हो रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य जैसी अद्भुत योजना के आविर्भाव से अब कोई भी व्यक्ति बिना इलाज और बिना दवा के अकाल मृत्यु को प्राप्त नहीं होगा। गरीब से गरीब व्यक्ति भी अब गंभीर बीमारी की दशा में बेहतरीन इलाज करा सकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड में 68 लाख परिवारों में 57 लाख परिवार यानी कि राज्य की 85प्रतिशत जनसंख्या स्वास्थ्य बीमा योजना से आच्छादित है। राज्य सरकार 400 करोड़ रुपए इस योजना के कार्यान्वयन के लिए दे रही है। उन्होंने कहा कि देश आरोग्य हो, आयुष्मान हो यह माननीय प्रधानमंत्री की सोच है क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है और अच्छी सोच से अपने आसपास, समाज, राज्य और देश की उन्नति और तरक्की के लिए  बेहतर विचार आते हैं। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि शहर के टाटा मेन अस्पताल और टाटा मोटर अस्पताल को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत् इलाज के लिए सूचीबद्ध करने के संदर्भ में टाटा प्रबंधन के साथ सकारात्मक बात की जाएगी। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत के तहत् नामित होने पर निजी अस्पतालों की आधारभूत संरचना भी मजबूत होगी और अस्पतालों का मुख्य उद्देश्य भी है जन-जन की सेवा करना। इसमें अस्पतालों का जो भी खर्च होगा वह प्रीमियम के माध्यम से उन्हें भुगतेय होगा। उन्होंने कहा कि राज्य भर में 200 से अधिक निजी अस्पताल  आयुष्मान भारत योजना से जुड़े हुए हैं और अभी यह प्रक्रिया निरंतर चल रही है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में एक एडवाइजरी समिति बनेगी जो कि अस्पतालों की सूचीबद्धता सहित आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्यान्वयन से संबंधित सभी समस्याओं के निराकरण में की दिशा में काम करेगी।
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