पारा शिक्षकों के साथ अन्याय कतई बर्दाश्त नहीं, आंदोलन करेंगे-आलमगीर आलम

 जिला मुख्यालयों में काला-बिल्ला लगाकर धरना-प्रदर्शन
रांची,17नवंबर। कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा है कि जेल भेजे गए पारा शिक्षकों को बिना शर्त रिहा किया जाए एवं बर्खास्त पारा शिक्षकों की सेवा बाहल किया जाए, कांग्रेस पार्टी पारा शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और उनके लिए आंदोलन भी करेगी।
कांग्रेस द्वारा उकसाने के भाजपा के आरोप को खारिज करते हुए आलमगीर आलम ने कहा कि यह सरकार का हताशा एवं निराशा का परिचायक है। रसोईया संघ, आंगनबाडी सेविका, मनरेगा कर्मी, मुखिया संघ सभी हड़ताल पर हैं। सरकार को इसका समाधान करना चाहिए अन्यथा राज्य की जनता उन्हें 2019 में जवाब देगी।
पारा शिक्षकों और कवरेज करने गए मीडिया कर्मियों पर कायराना और बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज की पार्टी कड़े शब्दों में निन्दा करती है। सरकार लाठी और गोली से आंदोलन को दबाना चाहती है, सरकार के इस कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने का वक्त आ गया है। बर्दाश्त करने की सभी हदे सरकार ने पार कर दी है, राष्ट्रपिता ने भी हमें सहने की शक्ति की प्ररेणा दी है, कायर बनने की नहीं। उन्होंने कहा कि 15 नवम्बर 2018 झारखंड राज्य का 18 वां स्थापना दिवस, राज्य सरकार द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन, कई योजनाओं का पूर्ण होने का दावा, नियुक्ति पत्रों का वितरण, सरकार की ओर से उपलब्धि और उत्साह का वातावरण लेकिन उसी दिन कार्यक्रम स्थल पर ही लोकतंत्र पर हमला। सरकार द्वारा जिस खुशहाली और विकास की दावे स्थापना दिवस के मंच से किया जा रहा था वो खुशहाली झारखंड के साढ़े तीन करोड जनता के चेहरे पर दिखाई नहीं दी।
विधायक दल के नेता ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के दिन ही लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर हमला किया गया। कार्यक्रम का न्यूज कवर कर रहे संवाददाता एवं छायाकारों को बेरहमी से पीटा गया। कई संवाददाता एवं छायाकार घायल हुए, जिसमें 8 से 10 गंभीर रूप से घायल है। कहा ये जा रहा है कि राज्य के पारा शिक्षक स्थापना दिवस के कार्यक्रम में बाधा डाल रहे थे, काला झंडा दिखा रहे थे, लेकिन हमारा यह प्रश्न है कि यह नौबत आने ही क्यों दिया गया? ऐसा प्रतीत हो रहा था कि पूरा शहर भय के वातावरण में है, आंदोलनकारियों को जगह-जगह पर रोका गया एवं उनकी गिरफ्तारी की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा एवं राज्य सरकार का लोकतंत्र पर कोई भरोसा नहीं है। सरकार एक तरफा कार्रवाई करना चाहती है।
कांग्रेस पार्टी 15 नवम्बर को हुए लाठीचार्ज, गिरफ्तारी एवं बर्खास्तगी की निंदा करती है। पार्टी का मनाना है कि सरकार दमनकारी नीति के तहत एक तरफा कार्रवाई कर रही है और जो पारा शिक्षक अपने हक के लिए 15 वर्षों से आंदोलनरत हैं उनकी नहीं सूनी जा रही है। सरकार के इस रवैये के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने राज्य भर में आंदोलन करने का निर्णय लिया है। 19 नवम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इन्दिरा गांधी जी की जयंती है उसी दिन राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में काला-बिल्ला लगाकर धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। धरना स्थल पर ही स्व. इन्दिरा गांधी जी को श्रद्धासुमन अर्पित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद, लाल किशोर नाथ शाहदेव, आलोक कुमार दूबे एवं शमशेर आलम मौजूद थे।

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