राज्यवासियों का हक छीन रही है सरकार,हर ओर है हाहाकार : हेमंत

दुमका 17 नवम्बर ।झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष और विधानसभा में विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास सरकार पर राज्य के आदिवासियों और मूलवासियों का हक छीनने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने गलत स्थानीय नीति बनाकर हाल में शिक्षक के 75 प्रतिश्शत से अधिक रिक्त पदों पर नियुक्त कर राज्य के मूलवासियों को उनके वाजिब हक से बंचित किया है।
हेमंत सोरेन ने आज अपने दुमका में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पारा शिक्षकों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य के बाहर के मुख्यमंत्री के तालिबानी फरमान से पूरे राज्य में हाहाकार मचा है। स्थापना दिवस के मौके पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत अपने हक और अधिकार की मांग करने वाले राज्य के पारा शिक्षकों पर लाठी बरसा कर सरकार ने अमानवीय और संवेदनहीता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक साजिश्श के तहत वर्षों से कार्य कर रहे सैंकड़ों पारा श्शिक्षकों को झूठे मुकदमें में जेल भेज कर जनविरोधी नीति का प्रमाण दिया है। सरकार पारा शिक्षकों के साथ रसोईयों को जेल में डालकर महिलाओं,बुजुर्गो व बच्चों पर लाठिंया बरसा रही है। गर्भवती महिलाओं तक को लात घूसों से पीटा जा रहा है। सरकार अपने अधिकार के लिए सड़क पर उतर कर संघर्श करनेवाले कर्मियों पर दमनात्मक कार्रवाई कर रही और राज्य के आदिवासियों और मूलवासियों का हक छीन रही है। श्री सोरेन ने कहा कि राज्य में व्याप्त अराजक स्थिति से स्पश्ट है कि राज्य में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है। उन्होंनें कहा कि कोई मुझे ढूढ्रकर बताये कि सरकार है कहां। उन्होंने कहा कि राज्य की भाजपा नीति सरकार के चार वर्शों के क्रियाकलापों से जनता उब चुकी है और राज्य के हर कोने से सरकार को हटाने की आवाज उठ रही है । उन्होंने दावा किया कि आगामी 2019 के चुनाव में भाजपा का पूरी तरह से सफाया तय है। श्री सोरेन ने राज्य सरकार पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य स्थापना दिवस के मौके पर 15 नवम्बर को सरकार के निर्देश पर जिस तरह पारा शिक्षकों और पत्रकारों पर लाठियां बरसायी उससे लगता है कि यह सरकार लोकतंत्र का गला घोंटने को कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि पारा शिक्षकों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि पिछले 15 -20 वर्शों राज्य के अधिकांश पढ़़े लिखे बेरोजगार युवक पारा शिक्षक जंगलों व पहाड़ो में शिक्षा का अलख जगा रहे है जो सरकार को अब गुंडे व बदमाश दिख रहे है। कुछ दिन में यही पारा शिक्षक सरकार के लिए नक्सली व आंतकवादी भी हो जायेंगे तो कोई आश्चर्य नहीं होगा।
हेमंत सोरेन ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि उनकी सरकार बनी तो अपने हक और अधिकार की आवाज बुलंद करनेवाले पारा शिक्षकों के विरूद्ध दर्ज सभी मुकदमें को हटा लिया जायेगा और नियमानुकुल उनकी मांगों व समस्याओं का निदान किया जायेगा। श्री सोरेन ने राज्य की स्थानीय नीति को फरेब और धोखा करार देते हुए कहा कि हाल ही में शिक्षक नियुक्ति में चयनित उम्मीदवारों में 75 फीसदी उम्मीदवार राज्य के बाहर के है। इस स्थानीयता नीति के कारण यहां के आदिवासियों और मूलवासियों का हक मारा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार कथित स्थानीय नीति की आढ़ में अपना वोट बैंक सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न तरीके से राज्य के लोगों को यहां स्थापित करना चाहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर बाहरी लोगों का निवासी प्रमाण पत्र बनाने के लिए अधिकारियों पर दबाब बनाने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने ने आगामी 2019 के चुनाव में भाजपा के खिलाफ महागंठबधन बनने के सवाल पर कहा कि समय आने पर स्थिति साफ हो जायेगी और महागठबंधन पूरे देश्श से भाजपा के सफाये के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने दावा कि आगामी चुनाव के बाद भाजपा को मंत्री, सांसद व विधायक ही नहीं कार्यकर्ता भी ढूंढंने से नहीं मिलेगा। पूरे राज्य से इस बार भाजपा का सफाया तय है। उन्होंनें कहा कि भाजपा महागंठबंधन को कमजोर करने के लिए आमलोगों में भ्रम फैला रही है,लेकिन जागरूक जनता भाजपा के मंसूबे को पहचान गयी है।
हेमंत सोरेन ने हाल में कविगुरू एक्सप्रेस ट्रेन के उद्घाटन के मौके पर भाजपा सांसद निशिकांत दूबे द्वारा झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के खिलाफ की गयी अभद्र टिप्पणी पर कहा कि जनता समय का इंतजार कर रही है। भाजपा के बड़बोले नेताओं को माकूल जवाब देगी। उन्होंनें कहा कि जिस पार्टी और व्यक्ति को बुजुर्गो के साथ सम्मानजक व्यवहार करने का संस्कार नहीं मिला हो वैसे लोगों को जनता समय पर सब सिखाती है। आगामी 2019 के चुनाव में जनता इसका बदला लेगी।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *