अपराध पर अंकुश लगाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका-मुख्यमंत्री

दो दिवसीय राष्ट्रीय महिला पुलिस सम्मेलन
रांची,19नवंबर। झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय महिला पुलिस सम्मेलन का शुभारंभ हुआ।सम्मेलन का उदघाटन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किया। जबकि समापन समारोह में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी।
झारखंड पुलिस और राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के संयुक्त तत्वावधान में रांची के धुर्वा स्थित न्यायिक अकादमी स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ऑडिरियम में आयोजित 8वीं राष्ट्रीय महिला पुलिस सम्मेलन का उदघाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध पर अंकुश लगाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 19नवंबर के दिन इस सम्मेलन का उदघाटन होना और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि 19नवंबर को ही महिला शक्ति को पूरी दुनिया में स्थापित करने वाली पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और स्वतंत्रता की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाली रानी लक्ष्मीबाई की जयंती के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं कैसे सशक्त बने और अपराध पर अंकुश के लिए चिंतनन-मनन जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ही दुनिया में एकमात्र ऐसा देश है,जहां नारी शक्ति की पूजा-अर्चना की जाती है, सबसे खतरनाक जीव सिंह और बाघ को माना जाता है, लेकिन इस पर सवार हो कर मां दुर्गा और मां काली ही आती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी समाज और राष्ट्र में महिला शक्ति को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए करने का काम किया है। झारखंड की बेटी और तीरंदाज दीपिका, पर्वतारोही प्रेमलता समेत अन्य मातृ शक्ति ने झारखंड और भारत का नाम पूरी दुनिया में रौशन किया है। प्रधानमंत्री ने भी मातृ शक्ति पर विश्वास करते हुए देश की सुरक्षा और विदेश मामलों का प्रभार महिलाओं के हाथों सौंपा है। रघुवर दास ने कहा कि राज्य सरकार ने भी झारखंड पुलिस में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है और महिला पुलिस अधिकारियों-कर्मियों के लिए आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार में भी महिलाओं की भूमिका केंद्र बिन्दु में होती है, समाज में भी महिलाओं की भूमिका अहम है,ऐसा नहीं होने पर पूरी व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो जाएगी। उन्होंने वर्तमान परिस्थिति में अपराध का स्वरूप भी बदा है, साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए प्रशिक्षण जरूरी है, अन्य अपराध भी चुनौतीपूर्ण है, इसके लिए प्रशिक्षण की जरूरत है।
इस सम्मेलन में देशभर की 149 प्रतिभागी शामिल हो रही है, जिनमें सिपाही से लेकर पुलिस महानिदेशक स्तर की महिला पुलिस पदाधिकारी भी हो रही है। सम्मेलन में यौन उत्पीड़न, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल, सेंट्रल पारा मिलिट्री फोर्स में महिलाओं की समस्या सेफ सिटी बनाने में महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका और योगदान पर चर्चा की जा रही है। सम्मेलन का उद्देश्य पुलिस के समक्ष नई चुनौतियों के बीच सशक्त कार्य स्थल तथा अनुकूल कार्य वातावरण, स्मार्ट सिटी, सेफ सिटी और कम्युनिटी पुलिसिंग पर चर्चा हो रही है। प्रथम राष्ट्रीय महिला पुलिस सम्मेलन की सफलता से उत्प्रेरित होकर राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में इससे पहले सात सम्मेलनों का आयोजन सफलतापूर्वक किया जा चुका है। वक्ताओं ने बताया कि राष्ट्रीय महिला पुलिस सम्मेलन राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आयेजित राष्ट्रीय स्तर पर एकमात्र ऐसा मंच है, जो वर्दीधारी महिलाओं के मुद्दों से संबद्ध है तथा उनके पेशेवर क्षमता को महत्तम और अनुकूल बनाने के लिए एक सक्रिय वातावरण उपलब्ध कराता है। सम्मेलन में राजस्थान से 7, एसवीपी अकादमी हैदराबाद से 5, मेघालय से 4, आरपीएफ से 7, नेपा मेघालय से 2, मणिपुर से 2, प. बंगाल से 8, उत्तराखंड से 6, आईटीबीपी से 3, आईटीबीपी अकादमी से 5, सीआईएसएस से 3, केरल से 4, बीएसएफ से 6, एनडीआरएफ से 1, असम से 5, हरियाणा से 3, गुजरात से 5, तेलंगाना से 1, एसएसबी से 4, कर्नाटक से 11, तमिलाडु से 6, उत्तर प्रदेश से 2, त्रिपुरा, अगरतल्ला से 1, एनडीआरएफ से 3, एनएसजी से 1, असम राइफल से 6, महाराष्ट्र से 5, पंजाब से 6, ओड़िशा से 6 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे है। जबकि वक्ताओं में अध्यक्ष रेखा शर्मा, न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा, महानिदेशक डॉ. एपी महेश्वरी समेत अन्य विशेषज्ञ शामिल है।

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