अनुबंध कर्मियों में हताशा का माहौल-हेमंत सोरेन


झामुमो के संघर्ष यात्रा का तीसरा दिन, तबीयत बिगड़ने के बाद सभा को किया संबोधित
रांची,14जनवरी। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य में पारा शिक्षकों, मनरेगाकर्मी, आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका आदि अन्य अनुबंधकर्मियों को इस सरकार से बस हताशा ही मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पारा शिक्षकों को आसामाजिक तत्व कहने वाली इस सरकार को सत्ता से बेदखल करना ही एकमात्र रास्ता बच गया है। हेमंत सोरेन पार्टी की ओर से आयोजित संघर्ष यात्रा के तीसरे दिन आज उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। संघर्ष यात्रा के दौरान हेमंत सोरेन की थोड़ी तबीयत भी बिगड़ गयी। जिसके बाद तत्काल डॉक्टरों को बुलाया गया, डॉक्टरों ने बताया गया कि रक्तचाप और थकान के कारण वे असहज महसूस कर रहे थे। चिकित्सकों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी, इसके बावजूद उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और सभा को संबोधित किया।
हेमंत सोरेन ने कहा कि मंडल डैम के कारण झारखण्ड के लोग विस्थापित होंगे, औए पानी मिलेगा बिहार को। इसका पार्टी घोर विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि रघुबर सरकार ने नौजवानों का जीवन अंधकारमय बना दिया है, नियोजन नीति को ाइकोर्ट ने भी प्रथम दृष्टया असंवैधानिक माना है। गढ़वा का नौजवान पलामू में नौकरी नही कर सकता, और वहाँ का यहाँ नही। हेमंत सोरेन नोटबन्दी के कारण कई लोगों को अपनी जान गवांनी पड़ी, व्यापार ध्वस्त हो गया, युवा अपने एग्जाम का फॉर्म नहीं जमा कर पाया, बुजुर्ग अपना इलाज नही करा पाये, एक एक आदमी अपने खुद के पैसे का उपयोग करने के लिए मोहताज़ हो गया। सरकार की यह सोची समझी चाल किसी साजिशन हत्या के अपराध से कम नही।
हेमंत सोरेन ने कहा कि भवनाथपुर में पावर प्लांट के मुद्दे पर हेमंत जी ने कहा कि क्या वजह है जब मेरी सरकार ने इस पावर प्लांट को खोलने के लिए आदेश दिया था, और जो उनके कार्यकाल का कम समय रहते हुए नहीं खुल पाया, वो अभी तक नही खुल पाया है?

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