पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने कोर्ट में किया सरेंडर, न्यायिक हिरासत में भेजे गये


रांची,15अप्रैल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने सोवार को रांची सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। सरेंडर के बाद योगेंद्र साव को अदालत के आदेश से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। शर्तों का उल्लंघन करने पर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत को निरस्त करने का आदेश दिया था। जिसके बाद योगेंद्र साव ने आज अपर न्यायाधीश एसएस प्रसाद की अदालत में उपस्थित होकर सरेंडर किया। उनके अधिवक्ता के द्वारा जमानत के लिए याचिका दायर की गई, लेकिन उस याचिका को खारिज कर दिया गया. जिसके बाद योगेंद्र साव को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया। योगेंद्र साव ने कहा कि अब पूर्व मंत्री योगेंद्र साव जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
इससे पहले दिसंबर 2017 में योगेंद्र साव और उनकी पत्नी विधायक निर्मला देवी को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दी थी। जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने पर कोर्ट ने 4 अप्रैल 2019 को जमानत रद्द कर दिया था। दंगा भड़काने और भीड़ को उकसाने के आरोपी योगेंद्र साव को स्थानीय प्रशासन के आग्रह पर कोर्ट ने तड़ीपार कर दिया था और भोपाल में रहने का आदेश दिया था। लेकिन कोर्ट ने पाया कि आदेश के बावजूद वो झारखंड आए थे।
वहीं योगेंद्र साव और उनकी विधायक पत्नी पर हजारीबाग में चल रहे मुकदमों को सुप्रीम कोर्ट ने रांची ट्रांसफर करने का भी आदेश दिया था। जिसके बाद योगेंद्र साव और निर्मला देवी के खिलाफ चल रहे 18 मुकदमे हजारीबाग कोर्ट से रांची स्थानांतरित कर दिया।
गौरतलब हे कि योगेंद्र साव और उनकी पत्नी निर्मला देवी पर हजारीबाग जिला के बड़कागांव में एनटीपीसी के प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध करने और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने एवं सुरक्षा बलों पर भीड़ से हमला कराने समेत कई आरोप है।

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