हजारीबाग सीट के लिए कांग्रेस ने गोपाल साहू को उम्मीदवार बनाया


रांची,15अप्रैल। हजारीबाग संसदीय सीट के लिए कांग्रेस ने गोपाल साहू को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक ने बताया कि केंद्रीय चुनाव समिति ने गोपाल साहू को हजारीबाग लोकसभा सीट के लिए उम्मीदवार बनाये जाने का निर्णय लिया है।
गोपाल साहू वर्षां तक प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष का पद संभाल चुके है और इस बार उनका हजारीबाग में मुख्य मुकाबला भाजपा प्रत्याशी सह केदं्रीय राज्यमंत्री जयंत सिन्हा से होगा। गोपाल साहू को महागठबंधन में शामिल झारखंड विकास मोर्चा, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राजद का समर्थन प्राप्त होगा। गोपाल साहू 2005 में रांची विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ चुके है और उनके भाई धीरज प्रसाद साहू अभी राज्यसभा सांसद है।
वाम दलों की ओर से हजारीबाग सीट भाकपा के लिए छोड़ने की मांग की जा रही थी, लेकिन महागठबंधन में हुए समझौते के तहत यह सीट कांग्रेस को दी गयी है और महागठबंधन में वाम दलों को शामिल करने से इंकार दिया गया। जिसके बाद भाकपा ने भुवनेश्वर प्रसाद मेहता को पार्टी उम्मीदवार घोषित किया और अन्य वाम दलों ने उन्हें समर्थन देन का भरोसा दिलाया है।
झारखंड की 14 लोकसभा सीटों में सात सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ रही है, जबकि चार सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा और दो सीट पर झारखंड विकास मोर्चा के प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। समझौते के तहत यूपीए ने पलामू सीट राजद के लिए छोड़ने का फैसला लिया, लेकिन राजद ने पलामू अलावा चतरा में भी प्रत्याशी खड़ा कर दिया है। जिसके कारण चतरा में राजद और कांग्रेस के बीच दोस्तानां संघर्ष हो रहा है। कांग्रेस ने चतरा से बरही के विधायक मनोज कुमार यादव, लोहरदगा से विधायक सुखदेव भगत, खूंटी से पूर्व विधायक कालीचरण मुंडा, सिंहभूम से विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा, धनबाद से भाजपा से आये कीर्ति आजाद, रांची से पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी कोडरमा, विधायक प्रदीप यादव गोड्डा से चुनाव लड़ रहे है। झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन दुमका, विधायक चंपई सोरेन जमशेदपुर, विधायक जगरनाथ महतो गिरिडीह और सांसद विजय हांसदा को राजमहल से उम्मीदवार बनाया गया है। पलामू से राजद ने घूरन राम को उम्मीदवार बनाया है।
गौरतलब है कि हजारीबाग संसदीय सीट से पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा भी सांसद रह चुके है, लेकिन भाजपा नेतृत्व से असहमति के बाद उन्होंने भाजपा छोड़ दी है और फिलहाल वे सक्रिय राजनीति से दूर है। इस बार भी भाजपा ने यशवंत सिन्हा के पुत्र जयंत सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है।

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