मंत्री सरयू आज मुरी स्थित हिन्डाल्को में हुए नुकसान का जायजा लेंगे


रांची। झारखंड के खाद्य आपूर्ति मंत्री और स्वर्णरखा पदूषण नियंत्रण अभियान के संयोजक सरयू राय कल मुरी का दौरा करेंगे और हिंडाल्को के रेड मड के ध्वस्त होने से .षि, पर्यावरण एवं र्स्वणरेखा नदी की पारिस्थितिकी को हुये नुकसान का जायजा लेंगे तथा वहां हिंडाल्को द्वारा किये जा रहे रेड मड उठाव तथा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा विगत एक दशक में इस संबंध में हिंडाल्को को दिये गये निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करेंगें।
सरयू राय ने गूगल मैप से रेड मड पौंड का तटबंध टूटने के पूर्व और बाद की ली गई तस्वीरों को डाउनलोड किया है। इन तस्वीरों की विवेचना से निष्कर्ष निकलता है कि करीब-करीब 7.50 हेक्टेयर अर्थात करीब 19 एकड़ क्षेत्रफल में वहां की .षि योग्य भूमि को नुकसान पहुंचा है। इस नुकसान की भरपाई के लिये राष्ट्रीय एवं अतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर भुक्तभोगियों को मुआवजा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। भूमि के सतह पर हुये नुकसान के अतिरिक्त त्मक डनक च्वदक से लंबे समय तक हुये रिसाव के कारण उस क्षेत्र के कुओं एवं भूगर्भ जल के प्रदूषण का आकलन भी आवश्यक ह इसके अतिरिक्त इसमें स्वर्णरेखा नदी के जल को तथा मछलियों एवं अन्य जलजीवों को हुये नुकसान का आकलन भी किया जाना चाहिये। कुल मिलाकर .षि, भूगर्भ जल तथा पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी को हुये नुकसान की भरपाई के लिये ठोस कदम उठाया जाना आवश्यक है।
यह दुर्घटना राज्य के अन्य क्षेत्रों में उद्योगों एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों से हो रहे जनस्वास्थ्य, भूमि, जल, वायु एवं स्थानीय पर्यावरण को हो रहे नुकसान के बारे में भी ठोस कदम उठाये जाने की जरूरत पर बल देने वाली है। यह देखा जाना जरूरी है कि केन्द्रीय नियंत्रण प्रदूषण बोर्ड एवं राज्य प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड के निर्देशों का किस भांति अनुपालन उद्योगों एवं आर्थिक गतिविधियों में लगे संस्थानों द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा स्थापना एवं संचालन की अनुमति की शर्तों का किस हद तक अनुपालन कराया जा रहा है। यह दुर्घटना सामान्य नहीं बल्कि मानव निर्मित प्रतीत होती है और पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के स्थापित वैधानिक मानकों की अवहेलना के कारण हुये असामान्य घटना है। इसके संबंध में दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिये और लापरवाही बरतने वाले चाहे सरकार में हों अथवा औद्योगिक संस्थान में हों, की शिनाख्त कर उनपर कार्रवाई होनी चाहिये।
राज्य सरकार द्वारा इसकी जांच के लिये गठित समिति के संबंध में उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव को कतिपय सुझाव दिया है जिसपर अमल करने का लिखित आश्वासन मुख्य सचिव ने दिया है।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *