पत्रकारिता को मिशनरी प्रोफेशन बनाना होगाःबलबीर दत्त

रांची,18अगस्त । झारखंड सरकार की ओर से पत्रकारिता के लिए लाईफटाईम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित ख्यातिब्ध पत्रकार बलबीर दत्त ने देश-दुनिया में पत्रकारिता के बदलते मापदंड पर युवा पत्रकारों को सलाह दी है कि वे मिशनरी प्रोफेशन के रुप में पत्रकारिता को अपनाएं।
अवार्ड से सम्मानित होने के बाद बलबीर दत्त ने आज यहां विशेष बातचीत में कहा कि देश में आजादी के पहले पत्र्ाकारिता को लोग मिशन के रुप में अपनाते थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदली है। बड़ी संख्या में युवा इस प्रोफेशन के प्रति आकर्षित हुए, लेकिन इसके साथ ही कई चुनौतियां भी उभर कर आयी है। उन्होंने कहा कि पत्र्ाकारिता के प्रोफेशन में वही कामयाब होगा, जिसमें दिवानापन होगा, इसलिए युवा इस प्रोफेशन को दिवानापन के रुप में अपनाए।
हिन्दी दैनिक रांची एक्सप्रेस के संपादक बलबीर दत्त ने कहा कि पत्र्ाकारिता के प्रोफेशन में भी दक्षता होनी चाहिए, युवा अधिक से अधिक जानकारी हासिल करें। पत्रकार को लगभग हर विषय के बारे में कम से कम सामान्य जानकारियां अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बहुत नोबल प्रोफेशन है, इसलिए पढ़ो, पढ़ो, पढ़ो और लिखो, लिखो, लिखो के सिद्धांत को अपनाना ही होगा, तभी सफलता मिल सकती है।
भ्रष्टाचार के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में बलबीर दत्त ने कहा कि आज अन्ना हजारे द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरु किए गए आंदोलन को पूरे देश में समर्थन मिल रहा है, लोग यह नहीं जानते कि अन्ना हजारे व उनकी टीम द्वारा बनाए गए जन लोकपाल विधेयक का स्वरुप क्या है,लेकिन लोग चाहते है कि भ्रष्टाचार से मुक्ति मिले, इसलिए आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्ववती एनडीए सरकार भी लोकपाल में प्रधानमंत्री को लाना चाहती थी,लेकिन न्यायपालिका की जिम्मेवारी तय करनेक े लिए अलग से बिल लाए जाने की बात है। ऐसी स्थिति में किसी को इस मुद्दे पर बहुत जिद् नहीं करनी चाहिए। बातचीत से ही गतिरोध समाप्त हो सकता है।

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