रांची,6अप्रैल। भाषा, संस्कृति, परंपरा और मानवीय मूल्यों के आधार पर ही समाज आगे बढ़ता है। जो समाज अपने इतिहास को भूल जाता है वह समय की धारा में विलीन हो जाता है। समाज की जीवंतता के लिए जरुरी है कि अपने इतिहास, अपनी परंपराओं को सहेजने के साथ-साथ नए इतिहास का सृजन ही मानव सभ्यता के विकास का मूलमंत्र है। अतएव हमें अपनी भाषा-संस्कृति, लिपि एवं संस्कार को जीवित रखना होगा तभी हमारा वजूद सुरक्षित रहेगा। मुख्यमंत्री अर्जुन मुण्डा ने आज स्थानीय काँके प्रखण्ड के सुतियाम्बेगढ़ में महाराजा मदरा मुण्डा मेला के अवसर पर उपरोक्त बातें कहीं। उन्हानें इस अवसर पर केन्द्रीय पहड़ा समिति, सुतियाम्बेगढ़ बारी, पिठौरिया के के ’पहड़ा भवन’ का शिलान्यास भी किया।
उन्होनें कहा कि दुनिया की प्राचीन सभ्यताओं के मूल में मुण्डा समुदाय का इतिहास शामिल है। मुण्डा समाज की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि स्वाभिमान और संघर्ष की रही है। यही इस समुदाय की मजबूती को रेखांकित करता है। सुतियाम्बेगढ़ इस संघर्ष के इतिहास का बोध कराता है। इस स्थान की पवित्र्ाता बनाए रखने से इतिहास की जीवंतता बनी रहेगी। सुतियाम्बेगढ़ के विकास के लिए उन्होनें 5 करोड़ रु0 की निधि उपलब्ध कराने की घोषणा करते हुए उन्होनंे कहा कि इस स्थल की ऐतिहासिकता से हमें ऊर्जा एवं प्रेरणा मिलती रहेगी।
मुख्यमंत्र्ाी अर्जुन मुण्डा ने कहा कि परंपराओं एवं समाजों की रचनात्मक सृजन7ाीलता के बिखरे पन्नों का संकलन आवश्यक है। इसमें समाज की सृजनशीलता बढ़ेगी और समाज एक गुलदस्ते के रुप में सज के निखरेगा। मंुडा समाज की सहज-सरल प्राकृतिक जीवन पद्धति को रेखांकित करते हुए उन्होनें कहा कि इस जुझारु समाज को शिक्षा के क्षेत्र्ा में मजबूती से स्थापित होना चाहिए ताकि भविष्य के आर्थिक झंझावातों से मुकाबले में हम हाशिए पर नही रहे एवं बदलाव की धारा में नहीं बहकर अपने वजूद को स्थापित रखें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा निवृत विशेष सचिव श्डी0डी0 मुण्डारी ने किया। इस अवसर पर जेठा नाग, डॉ0 राम मोहन शाण्डिल्य, श्पी0 सी0 सिंह म ुण्डा, उड़ीसा से आए श्कानू चरण सिंह एवं रघुनाथ सिंह एवं बंगाल से आए जगदीश सिंह एवं रामचन्द्र सिंह ने भी संबोधित किया।
इतिहास को भूलने वाला समय की धारा में विलीन हो जाता हैःसीएम
Posted by editor on April 6th, 2012



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