2010 व 2012 के रास चुनाव की होगी सीबीआई जांच

सीएम ने दिया आदेश
रांची,19अप्रैल। मुख्यमंत्री अर्जुन मुण्डा ने राज्य सभा चुनाव-2012 एवं वर्ष-2010 के राज्य सभा चुनाव से संबंधित मामले को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सी0बी0आई0) को स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। फिलहाल इस मामले की निगरानी जांच चल रही थी।
वर्ष 2010 मे हार्स-ट्रेडिंग की शिकायत मिलने पर निर्वाचन आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया था और राज्य के मुख्य सचिव व राज्य निर्वाचन अधिकारी को मामले की छानबीन का आदेश दिया था। जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले की छानबीन की जिम्मेवारी निगरानी ब्यूरो को सौप दी थी। इस मामले मे एक निजी टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन मे कांगेस,भाजपा और झामुमो के कुछ विधायको का नाम भी सामने आया था। इस मामले में निगरानी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के दो विधायक और कांग्रेस तथा भाजपा के एक-एक विधायक को घेरे में लिया था,लेकिन दो वर्षाें के दौरान निगरानी जांच का कोई खास नतीजा सामने नहीं आ पाया और जांच अब भी जारी है। हालांकि दौरान निगरानी ने कांग्रेस के योगेंद्र साव, भाजपा के उमाशंकर अकेला तथा झामुमो के साइमन मरांडी को पूछताछ के लिए बुलाया,जबकि मामले के एक अन्य आरोपी झामुमो विधायक टेकलाल महतो का निधन हो गया है। निगरानी ब्यूरो द्वारा मामले की अब भी छानबीन की जा रही है,वही इस मामले की मॉनिटरिंग उच्च न्यायालय द्वारा भी किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 के राज्यसभा चुनाव में के.डी. सिंह और धीरज साहू निर्वाचित हुए थे। केडी सिंह को झामुमो ने प्रत्याशी बनाया थ्ज्ञा,लेकिन बाद में वे झामुमो छोड़ कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये।
इधर, 30मार्च को राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए मतदान के बाद चुनाव आयोग ने मतगणना पर रोक लगा दी थी और मामले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। आयोग ने यह आदेश मतदान के दिन ही आयकर विभाग द्वारा 2.15करोड़ रुपये जब्त किये जाने के बाद चुनाव रद्द करने की सिफारिश राष्ट्रपति से की गयी थी और फिर अभी दुबारा राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने की प्रक्रिया चल रही है।

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