बीआईटी का दीक्षांत समारोह
रांची,3जून । राज्यपाल डॉ. सैयद अहमद ने कहा है विद्य्नार्थियों का आह्नान किया है कि दक्षता को सीमा में न बांधे, बदलाव की कामना न करें, बल्कि बदलाव की बयार खुद लाएं।
राज्यपाल आज बीआईटी मेसरा के 22वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि झारखंड में राष्ट्रीय महत्व की कई संस्थाएं है, इन संस्थाओं के छात्र अपने-अपने क्षेत्र में विशिष्ट योगदान दे रहे है। देश के भीतर और बाहर दोनों जगहों पर बीआईटी के स्नातकों ने अपनी प्रतिभा को साबित किया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के साथ ही मानव संसाधन के लिहाज से भी झारखंड धनी है, इन परिस्थितियों में राज्य में सामाजिक और आर्थिक विकास की संभावनाएं असीमित है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टाटा संस लि. के कार्यकारी निदेशक आर गोपालकृष्णन ने कहा कि नए स्नातक के लिए दीक्षांत समारोह बहुत बड़ा दिन होता है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षाें में शिक्षकों ने पेशेवर के रुप में विद्य्नार्थियों को पाला-पोसा है, जबकि अभिभावकों ने वर्षाें तक यह काम किया।इसलिए अब समय आ गया है कि अपने उद्देश्यों को पूरा करें।
इस मौके पर बीआईटी के 16 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। जबकि विभिन्न संकायों के कुल 3852 विद्य्नार्थियों को मेडल प्रदान किया गया। दीक्षांत समारोह के बीआईटी मेसरा के कुलपति डॉ. अजय चक्रवर्ती समेत अन्य शिक्षक और विद्य्नार्थी मौजूद थे।
दक्षता को सीमा में न बांधे, बदलाव की बयार खुद लाएंःराज्यपाल
Posted by editor on June 3rd, 2012



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