हार में मिले आशीर्वाद का तिलक लगातार तैयारी में जुट गयाःनवीन


आमजनों की पीड़ा देख उनकी समस्या को दूर करने की प्रेरणा से राजनीति में आया, ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहर में भी आपार समर्थन मिलने की उम्मीद

ऑजसू पार्टी उम्मीदवार के रुप में चुनाव मैदान में दूसरी बार भाग्य आजमा रहे नवीन जायसवाल को पहले चुनाव में सफलता नहीं मिली, लेकिन हार में ही लगभग 23हजार मतदाताओं के मिले आशीर्वाद का तिलक लगातार दूसरे दिन से ही चुनाव की तैयारी में जुट गये। राजनीति में आने की प्रेरणा उन्हें आमजनों की पीड़ा को देखकर मिली और लोगो समस्याओं को दूर कर मिलने वाली खुशी से प्रेरणा पाकर सक्रिय राजनीति में आने का निर्णय लिया है। पेश है नवीन जायसवाल से बातचीत के प्रमुख अंशः

सवालः पिछली बार विधानसभा चुनाव लड़े, लेकिन किन कारणों से सफलता नहीं मिली, इस बार उन कमियों को किस तरह से दूर करने का प्रयास किया?
नवीन जायसवालः वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। इससे पहले डेढ़-दो वर्ष पूर्व ऑजसू पार्टी की नीति-सिद्धांतों को लेकर हटिया क्षेत्र में जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन उस वक्त उतना समय नहीं मिल पाने के कारण पूरी सफलता नहीं मिल पायी, लेकिन लगभग 23 हजार मतदाताओं का आशीर्वाद मिला, उस आशीर्वाद का तिलक कर चुनाव में पराजित होने के बाद दूसरे दिन से ही चुनाव की तैयारी में जुट गया। हालांकि निर्धारित समय के अनुरुप वर्ष 2014 में ही विधानसभा चुनाव होना तय था, लेकिन इस बीच वर्ष 2010 में दुर्भाग्य से युवराज गोपाल शरणनाथ शाहदेव का आकस्मिक निधन हो गया, जिसके कारण उपचुनाव अवश्यंभावी हो गया, परंतु इस बीच वर्ष 2009 के मतगणना को अदालत में चुनौती दी गयी, जिसके कारण डेढ़ वर्ष से अधिक समय तक उपचुनाव का मसला लटका रहा। उपचुनाव तय था और मैं लगातार हटिया विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से जनसंपर्क करने में जुटा रहा, उनके हर सुख-दुःख का सहभागी बनने का प्रयास किया। व्यक्तिगत प्रयास से और सरकार में शामिल ऑजसू पार्टी के मंत्रियों व अन्य के सहयोग से इलाके में विकास के कई काम किये गए। इस दौरान हर गांव-मुहल्ले में पार्टी संगठन को खड़ा करने किया, आम जनों तक ऑजसू पार्टी की नीति-सिद्धांतों को पहुंचाया गया, जिसके कारण आज उपचुनाव में कार्यकर्त्ताओं की एक बड़ी फौज तैयार हो गयी और हर क्षेत्र्ा में मतदाताओं का समर्थन मिल रहा है।

सवालः आज राजनीति में किस प्रेरणा से आएं, क्या कोई राजनैतिक पृष्ठभूमि रही है?
नवीन जायसवालः ऑजसू पार्टी ने अलग झारखंड राज्य की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभायी, अलग राज्य गठन भी हो गया, लेकिन आमजनों की पीड़ा देख कर मन में काफी दुःख हुआ और जब अपने ही समाज के भाई-बहनों की समस्याओं के निदान का प्रयास शुरु किया और कुछ मामलों में सफलता मिली, तो मन में काफी खुशी हुई है। इसी आतंरिक खुशी ने मुझे राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया,लोगों के सुख-दुःख में सहभागी बनने का फैसला लिया और सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर गया। इसी दौरान युवाओं के बीच लोकप्रिय सुदेश महतो और पार्टी की नीति-सिद्धांतों को देखकर ऑजसू पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली, जिसके बाद मुझे हटिया विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेवारी सौंपी गयी और लोगों से जनसंपर्क तथा संगठन को मजबूत करन में जुट गया।

सवालः चुनाव हारने के बाद भी लगातार क्षेत्र्ा में सामाजिक कार्याें में जुटे रहे,किस हद तक सफल रहे?
नवीन जायसवालः पहली बार चुनाव लड़ने के बाद भी हटिया विधानसभा क्षेत्र की जनता से सीधा संपर्क बनाये रखना काफी फायदेमंद रहा। चुनाव हार जाने के बावजूद क्षेत्र्ा की जनता के लिए कई ऐसे कार्य किये, जो निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है। आम लोगों से सीधा संवाद बने रहने के कारण संगठन भी धीरे-धीरे मजबूत होते चला गया, कार्यकर्त्ताओं की बड़ी फौज तैयार हो गयी। हटिया के ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत नागरिक सुविधाओं का अभाव रहने के कारण लोग निरंतर अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर मिलने आते रहे, मैंने सिर्फ वोट लेने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं को दूर करने और क्षेत्र्ा को विकास की ओर ले जाने के सिद्धांत पर विश्वास करते हुए अपने जिम्मेवारियों का निर्वहन किया।यह राजनीतिक जीवन की बड़ी सफलता मानी जाएगी कि इतने कम समय में ही बड़ी संख्या में लोगों ने मुझपुर विश्वास किया और पार्टी की नीति-सिद्धांतों को अपना लिया।

सवालः किन चुनावी मुद्दों को लेकर मैदान में है, ऑजसू ने अलग राज्य के लिए व्यापक आंदोलन चलाया था, झारखंड बने लगभग 12वर्ष का समय गुजर गया है, लोगों की जनआकांक्षा कितनी पूरी हुई?
नवीन जायसवालः यह सही है कि ऑजसू ने ही सही मायने में अलग राज्य के लिए व्यापक आंदोलन चलाया और उसी के परिणाम स्वरुप वर्ष 2000 में झारखंड राज्य की स्थापना भी हुई। अलग राज्य बनने के बाद पार्टी सरकार में शामिल हुई, विकास को गति देने का प्रयास किया गया, लेकिन अब भी कई काम अधुरे है, जिसे पूरा करना है। ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास हो, इसके लिए जनप्रतिनिधियों को विशेष रुप से सचेत रहना होगा, इसी लिए वे हटिया क्षेत्र की जनता से भी अपील कर रहे है, वे पूरे तन-मन से उपचुनाव में सहयोग करें और चुनाव जीत जाने के बाद जो भी कमियां होगी , अभाव होगा, लोगों की समस्याएं होगी,उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा। जनता से भी अपेक्षा है कि यदि लोग विकास पर आधारित राजनीति चाहते है, तो विकास आधारित जनप्रतिनिधि का ही चुनाव करें, ऑजसू पार्टी विकास की राजनीति करती है और किसी पर आरोप-प्रत्यारोप गलाने पर विश्वास नहीं करती है। ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहरी क्षेत्रों में भी कई समस्याएं है, जिसे दूर करने के लिए विजन के साथ काम करने की जरुरत है।

सवालः कांग्रेस, भाजपा, झाविमो समेत अन्य विरोधी प्रत्याशियों द्वारा आप पर धन-बल का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया जा रहा है?
नवीन जायसवालः धन-बल के इस्तेमाल का आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है। जनता सारी बात जानती और समझती है। उपचुनाव में खुद को कमजोर देखकर विरोधियों द्वारा यह आरोप लगाया जा रहा है। इस तरह के निराधार आरोप से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।

सवालः झामुमो ने वीरेंद्र भगत को टिकट नहीं दिया,लेकिन वे निर्दलीय चुनाव मैदान में है, इसे आप अपने के लिए कितना खतरा मानते है?
नवीन जायसवालः झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इस बार चुनाव में तटस्थ रहने का फैसला लिया है, इसलिए उनकी ओर से उपचुनाव के लिए किसी को उम्मीदवार नहीं बनाया गया, लेकिन देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है, लोकतंत्र में कोई भी चुनाव लड़ना चाहता है, तो यह उसकी इच्छा है। जहां तक वीरेंद्र भगत के चुनाव मैदान में डटे रहने का सवाल है, तो उनसे मुझे कोई खतरा नहीं है।

सवालः ऑजसू पार्टी राज्य सरकार में शामिल है। सरकार के कामकाज का कितना फायदा चुनाव में मिलने की उम्मीद है?
नवीन जायसवालः ऑजसू पार्टी अलग राज्य बनने के बाद अधिकांश समय सरकार में शामिल रही और इस बार भी चुनाव मैदान में है। पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो ने पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल से ही विकास को अपना मुख्य एजेंडा बनाया, हर क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। सुदेश महतो और पार्टी के अन्य मंत्रियों को जिस विभाग की भी जिम्मेवारी मिली, उस विभाग में बेहतरीन तरीके से काम किया गया। जिसके कारण आज आम लोग भी यह मानने लगे है कि ऑजसू पार्टी विकास की राजनीति करती है और किसी जाति, धर्म या संप्रदाय की राजनीति नहीं करती है, यही कारण है कि इस चुनाव में हर वर्ग का समर्थन मिल रहा है।

सवालः भाजपा और कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टियों को छोड़कर मतदाता आप को किस आधार पर वोट देंगे?
नवीन जायसवालः देश की मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि राज्य का विकास क्षेत्रीय दल ही कर सकते है। यही कारण है कि आज देश भर में क्षेत्रीय पार्टियों का जनाधार बढ़ा है। इस बार हटिया विधानसभा उपचुनाव में भी मतदाताओं से अपील है कि लोग अपने क्षेत्र के विकास और समस्याओं के समाधान के लिए वोट करेंगे।

सवालः हटिया विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आपकी अच्छी पकड़ है, शहरी मतदाताओं से किस तरह की अपेक्षा हैः
नवीन जायसवालः विधानसभा चुनाव हारने के बाद मैंने ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहरी क्षेत्रों पर भी समुचित ध्यान देने का प्रयास किया गया,क्योंकि वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं से अच्छा जनसमर्थन प्राप्त हुआ था, लेकिन शहरी मतदाताओं से पूरी तरह से संपर्क नहीं पाने की वजह से पूरी सफलता नहीं मिली। इस बार पूरी रणनीति के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं से संपर्क करने का प्रयास किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहर में भी आपार समर्थन मिलने की उम्मीद है। ऑजसू पार्टी के कार्यकर्त्ता चाहे शहर को या ग्रामीण इलाके हर क्षेत्र में काम कर रहे है, हर बूथ के लिए अलग-अलग रणनीति बनायी गयी है, पूरे चुनाव की मॉनिटरिंग मैं खुद तो कर ही रहा हूं, साथ ही साथ पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो भी सारी व्यवस्था को खुद संभाले हुए है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी के अलावा दल के अन्य विधायक लगातार जनसंपर्क अभियान में जुटे है।

सवालः अब चुनाव प्रचार कार्य समाप्त होने में कुछ ही घंटे रह गये है, उपचुनाव में बूथ मैनजमेंट की आपकी कैसी तैयारी है?
नवीन जायसवालः चुनाव प्रचार की समाप्ति ही नहीं, बल्कि चुनाव प्रचार शुरु होने के पहले से ही बूथ मैनेजमेंट को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गयी थी। हर कार्यकर्त्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र के मतदान केंद्रों की जिम्मेवारी सौंप दी गयी थी। हर मतदान केंद्र के लिए पार्टी कार्यकर्त्ता काफी लंबे समय से काम कर रहे है।निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्त्ताओं को जिम्मेवारी सौंपी गयी है। काफी पहले से ही मतदाताओं को मतदाता सूची से संबंधित स्लिप पहुंचाने का काम पूरा किया जा चुका है, अब मतदान के दिन अधिक से अधिक मतदाता घर से कैसे निकले, इसके लिए लोगों में जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है,क्योंकि चुनाव में लड़ाई चुनाव प्रचार अभियान में नहीं होती, बल्कि मतदान केंद्रों पर ही होती है। ऑजसू पार्टी के समर्थक मतदाता अधिक से अधिक संख्या तक मतदान केंद्रों पर पहुंचे, इसके लिए अपील की जा रही है।

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