अनुशासनात्मक कार्रवाई की शुरुआत की

सीबीआई ने सहायकं-कनीय अभियंताओं की नियुक्ति मामले में 18 के खिलाफ दायर किया आरोप पत्र
रांची,20जुलाई। झारखंड लोक सेवा आयोग, जेपीएससी की अनुशंसा पर वर्ष 2005 में सहायक और कनीय अभियंताओं की नियुक्ति की गयी थी। इन नियुक्ति मामले में सीबीआई जांच के बाद गड़बड़ी की बात सामने आयी और अब कार्मिक विभाग ने उन सहायक और कनीय अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की शुरुआत कर दी है, जिनके खिलाफ सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया है।
कार्मिक विभाग की प्रधान सचिव सह राज्य सरकार की प्रवक्ता निधि खरे ने बताया कि जेपीएससी की विज्ञप्ति संख्या 12/2002-03 तथा 08/05 के तहत सहायक और कनीय अभियंताओं की नियुक्ति की गयी थी और सीबीआई ने जांच के बाद 18 लोगों के खिलाफ रांची स्थित सीबीआई के विशेष न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। उन्होंने बताया कि आयोग की तत्कालीन सहायक डॉ. शांति देवी तथा तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक सह सचिव एलिस उषा रानी सिंह के विरुद्ध कारण दर्शाते हुए आरोप पत्र दायर नहीं किये गये है, लेकिन जिन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किये गये है, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवई के लिए विभाग को सूची उपलब्ध करायी गयी है।
जिन 18 लोगों के विरुद्ध सीबीआई द्वारा आरोप पत्र दाखिल किया गया है, उनमें जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप कुमार प्रसाद, सदस्य गोपाल प्रसाद, राधा गोविंद सिंह नागेश के अलावा नियुक्त सहायक अभियंता रवींद्र कुमार, मणि राम मुंडा, राजीव रंजन, कनीय अभियंता विक्रम दास, बसंत कुमार मंडल, अमित कुमार सिंह,चंदन कुमार, धनंजय कुमार, धनंजय कुमार, धनकेश्वर नायक, मनोज कुमार सिंह, संजय कुमार मुंडा, राजेंद्र मुंडा,वीरेंद्र करमाली, विनोद कुमार तिग्गा और सुजीत कुमार सिंह शामिल है। इन सभी के खिलाफ भादवि की धारा 120बी, 420, 468, 471 व भ्राचार निरोधक कानून की धारा 13(2) और 13(1) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है।

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