रांची: झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री Hemant Soren ने बीजेपी के वाक्आउट के बीच अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों, राज्य के विकास और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और भारत सहित सभी देशों पर वैश्विक हालात का असर पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चल रही अस्थिरता से दुनिया भर की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव के कारण अरबों-खरबों रुपये डूब रहे हैं, जिसका असर आम नागरिकों और कर्मचारियों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत को भी इन वैश्विक परिस्थितियों से अलग नहीं रखा जा सकता।
“पड़ोसी देशों से रिश्ते भी अहम”
सीएम सोरेन ने कहा कि अगर दुनिया के देश अपने दरवाजे बंद कर दें तो भारत के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय संबंधों और पड़ोसी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश में यह समझ पाना मुश्किल हो गया है कि वास्तव में किसका प्रभाव चल रहा है।
सभी वर्गों के लिए समान दृष्टि
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा सभी वर्गों को समान नजर से देखने का प्रयास किया है। चाहे पेंशन से जुड़े मामले हों, सरकारी दफ्तरों की व्यवस्था हो या अन्य योजनाएं—सरकार ने किसी भी जाति, धर्म, आदिवासी, दलित या पिछड़े वर्ग के साथ भेदभाव नहीं किया है।
तकनीक और एआई के दौर में झारखंड
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने तकनीकी बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले कागज और फाइलों का दौर था, फिर टाइपराइटर आया, उसके बाद कंप्यूटर और अब दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर बढ़ रही है। इसी बदलाव के साथ झारखंड सरकार भी अपनी कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है।
सीएम डाटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म बनेगा
सरकार राज्य की योजनाओं और विकास कार्यों की बेहतर निगरानी के लिए “सीएम डाटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म” तैयार करने जा रही है। इसके जरिए सड़क, पुल-पुलिया, पेंशन और खाद्य योजनाओं सहित सभी परियोजनाओं के डाटा का विश्लेषण किया जाएगा, ताकि काम की गुणवत्ता और गति दोनों बेहतर हो सकें।
अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के सिविल सर्वेंट्स के लिए फाइनेंस, पब्लिक पॉलिसी और उभरती नीतिगत चुनौतियों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके तहत हर साल लगभग 50 अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ऊर्जा क्षेत्र में नई नीति
कोयला खनन में आ रहे बदलावों को देखते हुए झारखंड सरकार एनर्जी ट्रांजिशन नीति पर भी काम कर रही है। इसके तहत कौशल विकास, भूमि के बेहतर उपयोग और आय सहायता जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा। इस दिशा में जर्मनी सहित अन्य देशों के साथ सहयोग की संभावना भी तलाश की जा रही है।
निवेश और आर्थिक विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में वैश्विक मंचों पर झारखंड की व्यापारिक संभावनाओं को प्रस्तुत किया गया है। राज्य के खनिज संसाधन और रेयर अर्थ मिनरल्स ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है।
उन्होंने कहा कि झारखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए निवेशबढ़ानाऔरआर्थिकविकासकोगतिदेनासरकारकीप्राथमिकता है।

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