September 25, 2026

view point Jharkhand

View Point Jharkhand

करीब 10 लाख प्रवासी कामगार दूसरे राज्यों से वापस झारखंड लौटे

Spread the love


कामगारों को मिला बकाया वेतन और मुआवजा
रांची। झारखण्ड (Jharkhand) में पहली बार कामगारों और श्रमिकों के मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ सरकार काम कर रही है। मुख्यमन्त्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष लगातार इनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में काम कर रहा है। अब अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों एवं कामगारों (migrant workers) को वापस उनके घर लाने से लेकर उनके बकाया वेतन को दिलाने एवं अन्य समस्याओं के समाधान में मदद मिल रही है। पिछले लगभग दो साल में महामारी की वजह से इन श्रमिकों-कामगारों को काफी कठिन हालात का सामना करना पड़ा है। ऐसे भी हालात बने कि इन कामगारों को वापस अपने राज्य में लौटना पड़ा है, और राज्य सरकार उन्हें ट्रेन, बस से वापस लेकर आई। यही नहीं देश के दुरूह क्षेत्रों में फंसे ऐसे लोगों को हवाई जहाज से वापस झारखण्ड लाने में सरकार सफल रही।

विभाग का मिल रहा सहयोग

27 मार्च 2020 से लेकर 31 अक्टूबर 2021 तक दूसरे राज्यों से कुल 9,66,393 कामगार वापस झारखण्ड लौटे हैं। लॉकडाउन के बाद भी दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों-कामगारों को वापस लाने में राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष अपनी भूमिका निभा रहा है। गिरिडीह के सबसे ज्यादा 158,652 कामगार वापस लौटे। झारखण्ड वापस आनेवाले श्रमिकों-कामगारों में गिरिडीह जिले से सबसे ज्यादा 1,58,652 कामगार वापस लौटे, पलामू जिले के 1,09,438 कामगार, गढ़वा के 78,539, हजारीबाग के 78,414 कामगार, गोड्डा के 69,752 कामगार, कोडरमा के 42,932 कामगार, वेस्ट सिंहभूम के 36,293 कामगार, बोकारो के 35,455 कामगार, चतरा के 35,317 कामगार वापस लौटे हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में भी कामगार वापस लौटे हैं।

About Post Author