रांची। झारखंड विधानसभा के स्थापना दिवस समारोह में जब उत्कृष्ट विधायक, पदाधिकारियों, कर्मचारियों, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को जब सम्मानित किया जा रहा था, तो माहौल काफी खुशनुमा था, लेकिन जैसे ही मरणोपरांत शहीदों (Martyrs) के आश्रितों और परिजनों को सम्मानित किया गया, तो सम्मान देने वाले मंच पर मौजूद अतिथियों के साथ ही समारोह में बैठे कई लोगों की आंखें नम हो गयी।
ये आंसू दुःख और गम के जरूर है, लेकिन इन आंसुओं के पीछे गौरव भी छिपा है। इस महिला के पति ने देश के आन-बान-शान के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया।
शहीद की पत्नी को अपनी बच्चों की पढ़ाई और परवरिश की चिंता सता रही है और सरकार से सहयोग की अपेक्षा रखती हैं।
देश की सीमा की सुरक्षा और नक्सल उन्मूलन अभियान में शहादत देने वाली शहीद की पत्नी की इच्छा है कि उनके पति के नाम पर सरकार एक स्मारक का निर्माण कराएं।
समारोह में राज्य के 8 शहीदों को मरणोपरांत सम्मानित किया गया। इनमें शहीद हवलदार सुनील लकड़ा, आरक्षी दुलेश्वर प्रसाद, बीएसएफ जवान रवींद्र कुमार, आरक्षी किरण सुरीन, एसटीएफ उप समादेष्टा राजेश कुमार, हवलदार एसटीएफ देवेंद्र कुमार पंडित, झारखंड जगुआर आरक्षी हरद्वार साह और सैप जवान शिव उरांव के आश्रित शामिल रहे।

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