September 25, 2026

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झारखंड के पारा शिक्षक अब सहायक अध्यापक के नाम से जाने जाएंगे

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पारा शिक्षकों ने सीएम से मिलकर आभार जताया
रांची। झारखंड के पारा शिक्षकों के लंबित मांगों पर सकारात्मक विचार किए जाने को लेकर झारखंड राज्य प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सहृदय धन्यवाद दिया। मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने वहां उपस्थित राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो को भी धन्यवाद देते हुए उनका आभार जताया।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा पारा शिक्षकों को 60 वर्ष का सेवा स्थायीकरण, टेट पारा शिक्षकों को 50प्रतिशत तथा नन टेट पारा शिक्षकों को 40प्रतिशत मानदेय वृद्धि, आकलन परीक्षा पास करने के बाद 10प्रतिशत मानदेय बृद्धि बोनस के रूप में मिलने, प्रतिवर्ष 4प्रतिशत का वेतन बढ़ोतरी, पारा शिक्षकों का नाम अब सहायक अध्यापक किए जाने के निर्णय के साथ-साथ केंद्र सरकार द्वारा मानदेय भुगतान हेतु फंड नही दिए जाने पर भी राज्य सरकार के योजना मद से नियमित मानदेय भुगतान किए जाने संबंधी राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत झारखंड राज्य प्रशिक्षत पारा शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने किया है।
मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत कई वर्षों से पारा शिक्षकों के मांगों पर विचार नहीं किया जा सका था, परंतु हमारी सरकार ने पारा शिक्षकों के दर्द और समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए मांगों को लेकर एक सकारात्मक रास्ता ढूंढने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमसभी लोग साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। सभी के साथ न्याय हो, इसी सोच के साथ हमारी सरकार कार्य कर रही है। आप सभी पारा शिक्षक आने वाली पीढ़ी को दिशा देने का काम करने वाले लोग हैं। राज्य के सर्वांगीण विकास में आपकी भूमिका अहम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय सीमित संसाधनों के साथ आपसी समन्वय बनाकर आगे बढ़ने का है। आदरणीय गुरुजी के विचार के साथ चलकर समृद्ध झारखंड का सपना साकार करना है। गुरुजी सदैव पदाधिकारियों से कहते थे कि आपका काम जनता की सेवा करना है न कि शासक बनना। हमारी सरकार 20 वर्षों के टेढ़े-मेढ़े रास्ते को सीधा करने का कार्य कर रही है। एक-एक राज्यवासी हमारे परिवार के अंग हैं। कोई अलग नहीं है, सबको साथ लेकर आगे बढ़ना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रकार की नियुक्तियों में 75प्रतिशत स्थानीय लोग शामिल हो यह कानून बना रही है। हमारी सोच है कि झारखंड को अपने पैरों पर खड़ा करें। यहां के लोग सम्मान के साथ जीवन यापन करें इस निमित्त कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। आज आप सभी पारा शिक्षकों के चेहरे पर थोड़ी खुशी देखकर मुझे भी अच्छा लग रहा है। राज्य के पारा शिक्षक अब सहायक अध्यापक कहलाएंगे यह हर्ष का विषय है। विश्वास है कि आगे भी हमसभी लोग अपना सुख-दुःख को बांटते हुए राज्य को नई दिशा देंगे।
मौके पर विधायक सुदिव्य सोनू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, झारखंड राज्य प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ के अध्यक्ष सिद्दीक शेख, महासचिव श्री विकास चौधरी, प्रधान सचिव सुमन कुमार, एकीकृत मोर्चा के संयोजक विनोद बिहारी महतो, सदस्य ऋषिकेश पाठक, संजय दुबे, सिंटू सिंह, मोहन मंडल, एवं दशरथ ठाकुर सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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