/स्वतंत्रता सेनानी विमल दास गुप्ता ने कई बार वेश बदल कर अंग्रेजी पुलिस को दिया था चकमा, महीनों रांची और हजारीबाग सेंट्रल जेल में रहे बंद
रांची। आज सभी आजाद भारत की हवा में सांस ले रहे है, लेकिन देश को आजादी दिलाने में कई महान क्रांतिकारियों ने अपनी कुर्बानी दी, तो कुछ ने अपना सबकुछ देश के लिए न्यौछावर कर दिया। ऐसे ही आजादी के एक महानयकों में रांची के विमल दास गुप्ता भी शामिल है। ब्रिटिश हुकूमत में भारतीयों का शोषण और अत्याचार को देखकर पहले उन्होंने अपने घर को ही त्याग दिया और कई दिनों तक बारिश, जाड़ा, गर्मी के मौसम में फुटपाथ पर रात गुजार कर अन्य महानायकों की तरह देश को आजाद दिलाने का सपना देखते रहे।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और अन्य नेताओं के आह्वान पर जब युवा अंग्रेजी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर आये, तो विमल दास गुप्ता ने भी अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर रांची में थाने में आग लगा दी। जिसके बाद अंग्रेज पुलिस उन्हें ढूढंने लगी। लेकिन वे पुलिस से बचने के लिए कभी रांची-लोहरदगा, हजारीबाग के घने जंगलों में घूमते रहे, तो कभी भागलपुर में अपने कुछ साथियों के साथ छिपकर रहने का प्रयास करते रहे। इस दौरान उन्हें मलेरिया भी हो गया और वे अक्सर भागते-भागते गिर जाते थे, तो साथियों ने समझा वे थक कर गिर गये, लेकिन बाद में पता चला कि वे बीमारी से ग्रसित है। इस बीच गुप्तचरों की सूचना पर अंग्रेजी पुलिस ने पकड़ लिया और महीनों तक वे रांची तथा हजारीबाग सेंट्रल जेल में बंद रहे। विमल दास गुप्ता के पौत्र अनुराग दास गुप्ता बताते है कि जेल में तब कई बंदियों को मीठा जहर भी दिया जाता था, जिसके असर के कारण कैदी बीमार हो जाते थे और बाद में विभिन्न बीमारियों से उनकी मौत हो जाती थी, लेकिन इस बीच देश को आजादी मिल गयी और उनके दादा भी अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के साथ जेल से बाहर आ गये।
स्वतंत्रता की लड़ाई के दौरान विमल दास गुप्ता ने परिवार के अन्य सदस्यों को कोई परेशानी नहीं उठाने पड़े, इसलिए घर काफी पहले ही छोड़ दिया था, लेकिन एक बार अपनी बीमार मां को देखने पहुंचे, तो अंग्रेजी पुलिस ने उनके घर को चारों ओर से घेर लिया, लेकिन तब वे भिखारी का वेश बदल कर अपने दो अन्य साथियों के साथ मौके से फरार होने में सफल रहे।

More Stories
झारखंड में बड़े पैमाने पर IPS का तबादला, आपके जिले में कौन बना SP देखिए लिस्ट
झारखंड के 17 जिलों के DC का तबादला-नियुक्ति , आपके जिले में कौन बना डीसी देखिए पूरी लिस्ट
हजारीबाग का विष्णुगढ़ नाबालिक हत्याकांड; मां की दरिंदगी और अंधविश्वास ने ली मासूम की नरबलि, कहानी पढ़ खड़े हो जाएंगें रोंगटे