September 25, 2026

view point Jharkhand

View Point Jharkhand

झारखंड में ईद, सरहुल और रामनवमी को लेकर हाई अलर्ट: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Spread the love

रांची, 19 मार्च 2026। झारखंड में आगामी त्योहारों—ईद, सरहुल और रामनवमी—को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय, रांची से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक/वरीय पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक कर सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लिया गया।

कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विधि-व्यवस्था में खलल डालने वाले तत्वों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, अशांति या उपद्रव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रशासन 24 घंटे अलर्ट मोड में रहे।

सभी पर्व आपसी सद्भाव से हों संपन्न

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सभी त्योहार आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ मनाए जाएं। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा जाए और हर स्तर पर मुस्तैदी बरती जाए।

पर्याप्त पुलिस बल और इंफॉर्मर नेटवर्क मजबूत करने पर जोर

निर्देश दिया गया कि सभी जिलों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बलों की तैनाती सुनिश्चित हो। साथ ही इंफॉर्मर नेटवर्क को भी सक्रिय किया जाए, ताकि हर गतिविधि की समय पर जानकारी प्रशासन तक पहुंचे और किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों पर कड़ी निगरानी

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था हो। किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जाए और सभी समुदायों के सहयोग से शांति बनाए रखी जाए।

जुलूस मार्ग की विशेष निगरानी और सेफ जोन की व्यवस्था

त्योहारों के दौरान निकलने वाली शोभा यात्राओं और जुलूसों को लेकर रूट का भौतिक सत्यापन करने, भीड़-भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाने और जुलूस मार्ग में सेफ जोन बनाने के निर्देश दिए गए। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा गया।

भड़काऊ गानों और अफवाहों पर सख्त रोक

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शोभा यात्रा और जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के भड़काऊ या उत्तेजक गाने नहीं बजने चाहिए। इसके लिए प्रशासन पूजा समितियों और अखाड़ों के साथ समन्वय बनाकर प्री-रिकॉर्डेड सामग्री उपलब्ध कराए।

साथ ही सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखने और अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल होते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

सीसीटीवी, ड्रोन और डॉक्यूमेंटेशन पर जोर

निर्देश दिया गया कि संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, जुलूस की पूरी वीडियोग्राफी हो और ड्रोनकेमाध्यमसेएरियलनिगरानीकीजाए।साथहीसभीगतिविधियोंकाडॉक्यूमेंटेशनतैयारकियाजाए, जिससेभविष्यकीरणनीतिबनानेमेंमददमिले।

About Post Author