April 19, 2026

view point Jharkhand

View Point Jharkhand

झारखंड में 2,44,016 पद सीधी नियुक्ति से भरे जाएंगे

Spread the love


प्रोन्नति में आरक्षण की वर्तमान नीति को जारी रखने की सिफारिश

रांची। झारखंड में सरकार की सेवाओं और पदों के अधीन प्रोन्नति, प्रशासनिक दक्षता और क्रीमी लेयर में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व की अपर्याप्तता पर एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार करने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। इस तीन सदस्यीय समिति में शामिल अपर मुख्य सचिव एल खियांगते और प्रधान सचिव वंदना डाडेल और सचिव के.के. सोन शामिल थे। समिति ने प्रोन्न्ति में आरक्षण की वर्तमान नीति को जारी रखने की सिफारिश की हैं।
समिति ने 34 विभागों में से 29 विभागों के कर्मचारियों की जाति श्रेणीवार संख्या सहित सीधी नियुक्ति या प्रोन्नति के आधार पर भरे गए पदों की कुल संख्या पर अपनी रिपोर्ट ऑफलाइन प्रस्तुत की है। वहीं 10 विभागों ने इन सेवाओं में प्रत्येक जाति वर्ग में कार्यरत कर्मचारियों की सेवा श्रेणीवार संख्या सहित रिपोर्ट प्रस्तुत की है। जबकि एचआरएमएस से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 34 विभागों में 31 प्रमुख विभागों में राज्य में कुल स्वीकृत पदों की कुल संख्या 3,01,1 98 है जिसमें से 57,182 पद प्रोन्नति के आधार पर भरे जाने हैं जबकि 2,44,016 पद सीधी नियुक्ति(appointment) से भरे जाने हैं । ।
समिति की ओर से कहा है कि  राज्य भर में स्वीकृत प्रोन्नतिवाले पदों के विरुद्ध प्रोन्नति के आधार पर पद धारण करनेवाले कार्यरत कर्मचारियों की कुल संख्या से संबंधित अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों का प्रतिशत क्रमशः 4.45 तथा 10.04 प्रतिशत है, जो राज्य में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (क्रमशः 12.08 प्रतिशत (एससी) और 26.20 प्रतिशत ( एसटी) के जनसांख्यिकीय अनुपात से बहुत कम है।
समिति की ओर से अनुशंसा की गयी है कि चूंकि, राज्य की सेवाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों का प्रतिनिधित्व अपेक्षित स्तर से काफी नीचे है ,इसीलिए प्रोन्नति में आरक्षण की वर्तमान नीति को जारी रखना आवश्यक है। इस स्तर पर वर्तमान प्रावधान में किसी भी प्रकार की ढील देना या किसी भी खंड को हटाना न्यायोचित या वांछनीय नहीं होगा और बड़े पैमाने पर सामुदायिक हितो के विरुद्ध होगा।  

About Post Author