December 4, 2021

view point Jharkhand

View Point Jharkhand

उग्रवादी-आपराधिक संगठनों को हथियार – कारतूस सप्लाई करने के मामले में 5 गिरफ्तार

Spread the love


करीब 9200 कारतूस व 14पिस्टल बरामद
हथियारों के अवैध बाजार में एक कारतूस 700से 7000 कीमत
रांची। आतंकवाद निरोधी दस्ता को आज एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। विभिन्न उग्रवादी संगठनों और देश के विभिन्न हिस्सों में बड़े आपराधिक संगठनों को हथियार और कारतूस आपूर्ति करने के मामले में एटीएस झारखंड की टीम ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार (arrested ) किया है।
आई जी अभियान एवी होमकर और एटीएस एसपी शशांक आनंद ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बीएसएफ के 116 में बटालियन के हवलदार और इसी बटालियन के एक सेवानिवृत्त आरक्षी समेत पांच लोगों को भारी संख्या में हथियार तथा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में एटीएस की टीम ने पिछले 13 नवंबर को सीआरपीएफ के 142 में बटालियन के एक आरक्षी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था इनसे पूछताछ के आधार पर झारखंड एटीएस की टीम ने बिहार, पंजाब ,महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों में छापेमारी कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों की गिरफ्तारी में एटीएस को यह जानकारी मिली थी कि इस मामले में बिहार के सहारनपुर निवासी अरुण कुमार सिंह की संलिप्तता है । अरुण कुमार सिंह बीएसएफ के 116 बटालियन का सेवानिवृत्त आरक्षी है । उसके पास से करीब 9 सौ कारतूस बरामद किया गया। उसकी गिरफ्तारी से यह भी सूचना मिली कि पंजाब के फिरोजपुर स्थित 116 बटालियन में हवलदार कार्तिक बेहरा कोत प्रभारी के रूप में कार्यरत है। इस अवैध कारोबार में उसकी संलिप्तता की जानकारी मिलने पर एटीएस की टीम ने उसे फिरोजपुर से गिरफ्तार किया। इस दौरान एटीएस की टीम ने 8304 कारतूस खाली खोखा डेटोनेटर मैगजीन और अन्य सामग्री की बरामदगी किया है।
आईजी ऑपरेशन ने बताया कि उग्रवादियों और बड़े अपराधिक संगठनों को अवैध हथियार मध्यप्रदेश के बुराहनपुर जिला तथा महाराष्ट्र के बुलढाणा जिला के सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय गिरोह के द्वारा आपूर्ति की जाती थी। इन जिलों से एटीएस की टीम ने तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर 14 पिस्तौल और 11 मैगजीन की बरामदगी की। तीनों गिरफ्तार आरोपी मध्यप्रदेश के बुराहनपुर जिला के निवासी हैं।
एटीएस ने इस मामले में अब तक कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें सीआरपीएफ 142 बटालियन का एक आरक्षी बीएसएफ 116 बटालियन का हवलदार और बीएसएफ 116 बटालियन का एक सेवानिवृत्त आरक्षी शामिल है।