April 18, 2026

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द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने से इस सर्वाेच्च संवैधानिक पद की गरिमा को नया कीर्त्तिमान प्राप्त होगा-स्पीकर

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रांची। झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र शुक्रवार को शुरू हो गया। विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने देश के 15वें राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने के लिए राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को सदन के माध्यम से बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जतायी कि द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने से इस सर्वाेच्च संवैधानिक पद की गरिमा को नया कीर्त्तिमान प्राप्त होगा। जनजातीय समुदाय की पहली महिला प्रतिनिधि और देश के शीर्ष संवैधानिक पद पर आने वाली द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पहली राज्यपाल भी रही है। उनका कार्यकाल 18 मई 2015 से लेकर 12 जुलाई 2021 तक रहा।  उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मू भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की संरक्षक और जनजातीय उत्थान की प्रणेता बनेंगी। निः संदेह उनके राष्ट्रपति चुने जाने से आम जनों के साथ-साथ विशेष रूप से जनजातीय और महिला समाज के सशक्तीकरण को संबल मिलेगा, जो देश के जनजातीय समुदाय और भारतीय लोकतंत्र के लिए सार्थक सिद्ध होगा। देश की संवैधानिक प्रमुख के रूप में उनकी मौजूदगी हर भारतवासी के लिए एक स्वस्थ, आदर्श और जागरूक लोकतंत्र का प्रमाण है,जिसमें कोई भी व्यक्ति अंतिम पंक्ति से देश के प्रथम नागरिक तक बन सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष ने मांडर विधानसभा उपचुनाव में निर्वाचित कांग्रेस की शिल्पी नेहा तिर्की बधाई देते हुए यह उम्मीद जताई कि वह इस राज्य की जनता की आशाओं और विश्वास पर खरी उतर कर सदन में एक आदर्श जन प्रतिनिधि के रूप में स्वयं को प्रस्तुत करेंगी।  उन्होंने कहा कि 20 से 26 अगस्त तक कनाडा के हॉलिफक्स में आयोजित होने वाले 65वें राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उनके साथ निरल पूर्ति और डॉ0 लंबोदर महतो पर्यवेक्षक के रूप में भाग लेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रणाली के इस सफर में झारखंड विधानसभा ने आम जनमानस की समस्याओं का निराकरण और राज्य की जनता की उम्मीदों को पूर्ण करने का प्रयास किया है। उसी प्रयास की कड़ी को जिम्मेदारीपूर्वक पूरी सजगता और संवेदनशीलता तथा निष्ठापूर्वक सभी को एकजुट होकर आगे बढ़ाना है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज इस मॉनसून सत्र की शुरुआत कर रहे हैं, तो इस बात को भी अपने मन और मस्तिष्क में रखना है कि इस मॉनसून ऋतु में राज्य में करीब 40 प्रतिशत कम वर्षा अब तक हुई है। आज जब  सभी राज्य की इस सबसे बड़ी पंचायत में बैठकर राज्य के अलग-अलग विषयों पर चर्चा करेंगे, तो अपनी चर्चाओं में किसान भाईयों के दर्द को भी शामिल करना होगा, ताकि उनके दुःखों का सार्थक हल इस सदन के माध्यम से निकाला जा सके।उन्होंने उम्मीद जतायी कि राज्यहित में वर्तमान सत्र के संचालन में पक्ष-विपक्ष का रचनात्मक सहयोग प्राप्त होगा। छह दिवसीय यह मॉनसून सत्र भले ही छोटा है, परंतु गुणात्मक रूप् से इसका व्यापक महत्व है। सभी को मिलकर इस सत्र के समय का सकारात्मक सदुउपयोग करते हुए जनमानस की आकांक्षाओं की पूर्ति की उम्मीदों की दिशा में आगे बढ़ना है।

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