रांची। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी, हालांकि देर शाम तक राजभवन की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है। सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा कर दी है और भारत निर्वाचन आयोग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक सीएम से जुड़े ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में चुनाव आयोग से राजभवन पहुंचे सिफारिश के बाद राज्यपाल ने विधि विशेषज्ञों से राय ली। जिसके बाद राज्यपाल ने अपने आदेश से चुनाव आयोग को अवगत कराने का निर्णय लिया है। उसी आधार पर चुनाव आयोग एक अधिसूचना जारी करेगा और उसकी कॉपी झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को भेजी जाएगी। फिर उस कॉकी को झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विधानसभा अध्यक्ष को भेजंेगे। लेकिन इस पर विधिवत रूप से मुहर नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही लगेगा। हालांकि इस संबंध में अभी राजभवन की ओर से कुछ भी आधिकारिक रूप से जानकारी नहीं दी गयी है।
इधर, राज्यपाल के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पद से त्यागपत्र दे सकते हैं। हालांकि वे आगे चुनाव लड़ सकते हैं या नहीं, इसे लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हुई है।
82 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में सत्ताधारी गठबंधन के पास बहुमत के लिए आवश्यक 42 की जगह 50 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। आगे की रणनीति तय करने को लेकर सीएम हाउस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में देर रात तक यूपीए विधायकों के बैठक का सिलसिला जारी रहा। जेएमएम-कांग्रेस विधायकों की हो रही बैठक में हर संभावित विकल्पों पर चर्चा की जा रही है।

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