मंत्री रामेश्वर उरांव ने पूजा-अर्चना की
रांची। रांची के डोरंडा स्थित छप्पन सेट में मां दुर्गा की प्रतिमा का पट आज शाम बेलवरण पूजा के साथ ही खुल गया। इस मौके पर राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव समेत अन्य कई गणमान्य अतिथि रहे। कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करते हुए यहां पूजा-अर्चना की जा रही है। इस मौके पर रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार झा, वरिष्ठ पत्रकार विजय पाठक, रांची महानगर दुर्गा पूजा समिति के संरक्षक आलोक कुमार दूबे मुख्य रुप से उपस्थित थे।
डोरंडा स्थित 56 सेट पूजा समिति में पंडित रामलखन शर्मा की ओर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना करायी जा रही है। नवरात्र के पंचमी के मौके पर सुबह में देवी दुर्गा के मां स्कंदमाता और शाम चार बजे के बाद महाषष्ठी स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा अर्चना की गयी, जबकि शाम सात बजे बेलवरण पूजा के बाद कोरोना गाइडलाइन के तहत बनाये गये छोटे पंडाल के पट को आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया। इस दौरान सभी श्रद्धालु और पूजा समिति के सदस्यों द्वारा मास्क तथा सैनिटाइजर का प्रयोग किया जा रहा है और पूरे उत्साह तथा हर्षाल्लास के साथ परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है।
इस मौके पर रांची महानगर पूजा समिति के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार दूबे ने कहा कि दुर्गा पूजा समेत अन्य पर्व-त्योहार के मौके पर कोरोना संक्रमण को लेकर अभी एक महीने तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व के मौके पर भी इसी तरह से कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए श्रद्धालु और छठव्रती सावधानी बरते।
इस मौके पर समिति के संस्थापक कपिलदेव सिंह,स्थानीय पार्षद कुमारी मारग्रेट कच्छप,समिति के अध्यक्ष गोपी दूबे,सचिव महेन्द्र प्रसाद, सदस्य नीरज कुमार,दिलीप कुमार, विजय कुमार, दीपक ठाकुर,आयुष कुमार, सन्नी वर्णवाल, अभिषेक कुमार,राजीव छेत्री,अजीत राय,विवेक सिंह,रोहित कुमार ,कमलेश झा,गोपाल तिवारी विशेष रूप से उपस्थित थे।
इससे पहले पट का अनावरण के साथ ही 108 महिलाओं द्वारा आरती की जाएगी तत्पश्चात हलवा भोग का वितरण किया गया। 12 अक्टूकर को चना पूड़ी व हलवा का भोग लगेगा एवं बच्चों के लिए संध्या 4 बजे से पेंटिंग प्रतियोगिता की जाएगी । महाअष्टमी 13 अक्टूम्बर प्रातः 9 बजे से पुष्पांजलि,11 बजे से माता को खीर भोग का लगाया जाएगा ओर संध्या सात बजे महाआरती किया जाएगा और 14 अक्टूबर महानवमी को खिचड़ी भोग लगाया जाएगा और 15 अक्टूबर को विजयदशमी का हवन तथा 16 अक्टूबर को दोपहर दो बजे विसर्जन सह शोभा यात्रा बटन तालाब में होगा।
गौरतलब है कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा नेपाल हाऊस व अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के द्वारा 1967 में दुर्गा पूजा छोटे से स्वरूप में शुरु किया गया था जो आज एक भव्य रुप ले चुका है और जो लोग सेवानिवृत्त होकर यहाँ से चले भी गये हैं या उनका निधन भी हो गया तो भी परिवार के लोग अपने बच्चों को पंडाल दिखाने अवश्य लाते हैं चाहे वह देश के किसी भी कोने में क्यों नहीं रहते हों।

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