कोरोना काल में तमाम अर्थिक संकट में ना तो वेतन-भुगतान में विलंब हुआ, न कटौती की गयी
रांची। झारखंड के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति डॉ0 रामेश्वर उरांव ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठित महागठबंधन सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अलग झारखंड राज्य गठन के बाद भाजपा ने 16 वर्षां के शासनकाल में राज्य के विकास जो ना सोचा और ना किया, उसे दो वर्ष के कार्यकाल में पूरा किया गया हैं। आने वाले तीन वर्ष के शासनकाल में गठबंधन सरकार अपने सभी वायदे को पूरा करने का काम करेगी।इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और डॉ0 राजेश गुप्ता छोटू उपस्थित थे।
डॉ0 रामेश्वर उरांव ने आज रांची में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दो वर्ष का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा। कोरोना संक्रमण के कारण जब देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई, कामकाज चौपट हो गये, उस वक्त भी संकट की घड़ी में राज्य सरकार ने ना सिर्फ अपने सीमित संसाधनों की मदद से समाज के हर तबके और विशेषकर गरीबों को मदद पहुंचाने का काम किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य भले ही सार्वजनिक रूप से इन कार्यां की प्रशंसा करने में महसूस करें, लेकिन अंदर ही अंदर वे भी राज्य सरकार के कार्यां की सराहना करते हैं।
वित्तमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में राज्य में 25-26 लोगों की मौत हो गयी थी, लेकिन हेमंत सोरेन सरकार में भूख से मौत की बात तो दूर, किसी को भूखा सोने तक नहीं दिया गया। लाल-पीला कार्ड की अपर्याप्त संख्या के मद्देनजर राज्य सरकार ने अपने संसाधन के माध्यम से 15लाख अन्य वैसे जरुरतमंद परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराया गया, जिनकी आवाज बुलंद नहीं हो पा रही थी। इसके अलावा मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श की सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना के तहत 61 लाख परिवारों को 1.22करोड़ धोती साड़ी वितरित की गयी, ताकि लोगों के समक्ष वस्त्र की किल्लत भी दूर हो सके। राज्य सरकार ने धर्म, जाति-संप्रदाय से ऊपर उठकर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को ना सिर्फ किताबें और पोशाक उपलब्ध करायी गयी, बल्कि सभी वर्ग के बच्चों को स्कूल जाने के लिए साईकिल भी उपलब्ध करायी गयी।
डॉ0 रामेश्वर उरांव ने कहा कि पूर्व में नियमावली नहीं बन पाने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया तेजी से नहीं पूरी हो रही थी, हर नियुक्ति प्रक्रिया कोर्ट पहुंच जा रही थी। अब राज्य सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया बना ली है और कृषि विभाग में 123 पदों पर नियुक्ति के साथ ही जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के कार्यां से भी संतुष्ट नजर आ रहे है, सभी को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जा रहा है और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद की जा रही हैं। यदि केंद्र सरकार अनुमति देगी, तो गेहू की भी खरीद एमएसपी पर की जाएगी। मनरेगा के माध्यम से हर गांव-पंचायत में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया हैं। ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के माध्यम से गांव में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि वायदे के मुताबिक राज्य सरकार ने किसानों का 50 हजार रुपये तक का कर्ज माफ किया है और एक लाख रुपये के कृषि ऋण को माफ करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही हैं।

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