रांची। राज्य के वित्तमंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में वित्तीय ़ऋण प्रवाह, एसीपी तथा वित्तीय समावेषण को लेकर सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में कृषि मंत्री बादल, वित्त विभाग के प्रधान सचिव कृषि सचिव, आरबीआई के महाप्रबंधक, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक व उप महाप्रबंधक तथा राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति तथा विभिन्न बैंकों के राज्यस्तरीय प्रमुखों ने हिस्सा लिया।
बैठक में विभिन्न कार्यां और इसके निष्पादन की समीक्षा की गयी। इस क्रम में राजय में सीडी रेसियो के कम होने के कारणों पर भी बैंकवार चर्चा और समीक्षा की गयी। एसीपी के संदर्भ में सभी बैंकों की अब तक की उपलब्धि की समीक्षा की गयी, जिसमें पाया गया कि बैंकों द्वारा 31 दिसंबर 2021 तक 100.58प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति की गयी। वहीं एसीपी के अंतर्गत प्राथमिकता वाले क्षेत्र की भी समीक्षा की गयी, जिसमें सभी बैंकों को 100 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति का निर्छेश दिया गया, जो कि 31 दिसंबर 2021 तक 65.06प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति की गयी।
अगले वित्तीय वर्ष के लिए एसीपी के लक्ष्य को 44388 करोड़ से बढ़ाकर 60000 करोड़ से अधिक का लक्ष्य निर्धारण करने का निर्देश राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति एवं नाबार्ड को दिया गया। वहीं कृषि ऋण की उपलब्धता को बढ़ाने का निर्देश दिया गया। इस संबंध में केसीसी की लंबित आवेदनों की लंबी सूची पर कृषि मंत्री द्वारा चिंता व्यक्त की गयी और केसीसी की अस्वीकृत आवेदनों के मामले में भी बैंकों से कारणों की मांग की गयी। साथ ही केसीसी के अतिरिक्त पशुपालन, मत्स्य पालन के लिए एक एकीकृत ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश बैंकों को दिया गया। कृषि ऋण के टिकट साईज को भी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

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