रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में फिलहाल शराबबंदी पर विचार नहीं किया जा रहा है। कांग्रेस की दीपिका पांडेय सिंह द्वारा मुख्यमंत्री प्रश्नकाल में पूछे गये एक नीतिगत प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बात सहीं नहीै कि सिर्फ शराब पीने के कारण ही महिला उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे है। उनहोंने भरोसा दिलाया कि महिला उत्पीड़न नहीं, घरेलू ंिहसा पर अंकुश लगे, इस पर सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार महिला समानता को दूर करने, महिला उत्पीड़न को रोकने के लिए कई योजनाएं चला रही है। राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि फूलो-झानो योजना के तहत हाड़िया-दारू बेचने वाली 25 महिलाओं को दूसरे रोजगार से जोड़ा गया है। महिलाओं को आत्मसम्मान के साथ रोजगार दिलाने की दिशा में सरकार निरंतर प्रयासरत है।
इससे पहले कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य में शराब बिक्री के कारण महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा में वृद्धि हुई है, महिला उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे हैं, इसके अलावा नशे की हालात के कारण अन्य आपराधिक मामलों में भी बढ़ोत्तरी हुई है।

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