राज्यपाल के पास भेजा गया प्रस्ताव
रांची। झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र आगामी 29 जुलाई से 4 अगस्त तक चलेगा।
पांच दिवसीय मानसून सत्र के पहले दिन शोक प्रस्ताव के बाद सभा की कार्यवाही स्थगित हो जाएगी। सत्र के दूसरे दिन चालू वित्तीय वर्ष का प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया जा सकता है। मॉनसूत्र सत्र को लेकर राज्य सरकार की तरफ से मानसून सत्र को लेकर राज्यपाल रमेश बैस के पास प्रस्ताव भेजा गया है।
इधर, राज्य के संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा है कि मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के विधायकों से सत्र को सुचारी ढंग से चलाने में सहयोग करें। पिछले कई सत्र विपक्षी हंगामे की भेंट चढ़ गये हैं। हालांकि बजट सत्र के दौरान कई दिनों तक सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चली थी।
बताया गया है कि 29 जुलाई को सत्र आहूत होगा, लेकिन पहले दिन शोक प्रस्ताव के बाद कोई खास विधायी कार्य नहीं होंगे, जबकि 30 और 31 जुलाई को शनिवार और रविवार के कारण सदन की कार्यवाही नहीं होगी। इस तरह से 1 से 4 अगस्त तक ही प्रश्नोत्तरकाल के अलावा अनुपूरक बजट और कई विधेयकों को सदन में पेश किया जा सकता है। वहीं उन विधेयकों की प्रति को भी सदन पटल पर रखा जाएगा, जिसे पिछले दिनों राज्यपाल ने वापस किया था।
गौरतलब है कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत एक सत्र से दूसरे सत्र की अधिकतम अवधि 6 महीने का होना चाहिए। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 25 फरवरी से 25 मार्च तक आहूत हुआ था, इस तरह मॉनसून सत्र 25 सितंबर से पहले होना चाहिए। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण 3 से 9 सितंबर के बीच मॉनसून सत्र चला था। जबकि वर्ष 2020 में भी कोरोना संक्रमण की वजह से 18 से 22 सितंबर तक मॉनसूत्र सत्र आहूत किया गया था।

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