|   पारा शिक्षकों ने बेमियादी हड़ताल पर जाने की घोषणा की   | |   एसएन वर्मा व आलोक शरण समेत 7 के खिलाफ कार्रवाई का आदेश   | |   जेपीएससी परीक्षा में सी-सेट की अनिवार्यता पर सरकार ने विचार का दिलाया भरोसा   | |   सरकार व पारा शिक्षकों के बीच 8 बिन्दुओं पर सहमति   | |   सीएम ने डीएसपी मधुसूदन के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति दी   |

पारा शिक्षकों ने बेमियादी हड़ताल पर जाने की घोषणा की

रांची,27अगस्त।झारखंड के पारा शिक्षकों ने राज्य सरकार से लिखित आश्वासन नहीं मिलने के कारण कल से बेमियादी हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। पारा शिक्षकों का आरोप है कि कल वार्ता में सरकार की ओर से लिखित आश्वासन देने की बात कही गयी थी, लेकिन आज कोई भी अधिकारी पारा शिक्षकों से मिलने नहीं पहुंचा। वहीं मोरहाबादी मैदान में शनिवार से जमे पारा शिक्षक वापस लौट गये है और अब आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षामंत्री डॉ. नीरा यादव आज शाम पारा शिक्षकों से मिलने मोरहाबादी मैदान पहुंची,लेकिन बात नहीं। बाद में आंदोलनरत पारा शिक्षकों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और कल से ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित सरकारी विद्य्नालयों में पारा शिक्षकों ने ताला नहीं खोलने का निर्णय लिया है। पारा शिक्षकों का दावा है कि उनके हड़ताल पर चले जाने के कारण अधिकांश प्राथमिक विद्य्नालयों में ताला भी नहीं खुलेगा और मध्याह्न भोजन भी बच्चों को नहीं मिल पाएगा,इसके लिए पूरी तरह से राज्य सरकार जिम्मेवार होगी।आंदोलनरत पारा शिक्षक ने सरकार पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब बात हो चुकी थी, तो मंत्री को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई का निर्देश देना चाहिए था, लेकिन यहां तो अधिकारी ही जैसे मन में आ रहा है, सरकार चला रहे है।

एसएन वर्मा व आलोक शरण समेत 7 के खिलाफ कार्रवाई का आदेश

सीएम ने सिकिदिरी जल विद्य्नुत परियोजना में अनियमितता के मामले में जेएसईबी के तत्कालीन अध्यक्ष समेत अन्य सात के खिलाफ कार्रवाई का दिया आदेश
रांची,27अगस्त। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने स्वर्णरेखा जल विद्यत परियोजना के सिकिदिरी फेज-1 एवं फेज-2 में वर्ष 2012 में भेल से 20.87 करोड़ की लागत से कराए जाने वाले कार्य में बरती गई अनियमितता के संबंध में झारखण्ड राज्य विद्य्नुत बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष एस0एन0वर्मा एवं तदेन सदस्य (वित्त)आलोक शरण सहित कुल सात लोगों पर विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया है। उन्होंने इस मामले में गठित त्रिसदस्यीय जांच समिति के फलाफल से सी0बी0आई0 को अवगत कराने को भी कहा है ताकि सी0बी0आई0 द्वारा चल रहे अनुसंधान के आपराधिक षडयंत्र के बिन्दु और स्पष्ट हो सके।
मुख्यमंत्री ने सिकिदिरी जल विद्य्नुत परियोजना में मरम्मति एवं रख-रखाव में अनियमितता में संलग्न पाई गई कम्पनी एनपीईएल को काली सूची में डालने का आदेश दिया है। इस मामले में अन्य आरोपियों में सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख (जी0टी0ओ0) जी0एन0एस0 मुण्डा ,झारखण्ड उर्जा संचरण निगम लिमिटेड के अभियंता प्रमुख (जी0टी0ओ0) डी0एन0राम, सेवानिवृत्त परियोजना प्रबंधक एसएचआरपी बी0के0चौधरी, एवं विद्य्नुत कार्यपालक अभियंता पीटीपीएस प्रवीण कुमार शामिल हैं ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में इस सम्भावना को नकारा नहीं जा सकता है कि इस मामले में जेएसईबी, भेल एवं एनपीईएल के पदाधिकारी आपराधिक षडयंत्र में शामिल रहे हैं। सरकार अनियमितता बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेगी। ज्ञातव्य है कि झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा सीडब्ल्यूजेसी 1793/2001 व डब्ल्यूपी (पीआईएल)-4611/2009 एवं डब्ल्यूपी (पीआईएल)- 2918/2010 में 28 मार्च 2011 को पारित आदेश के क्रम में सी0बी0आई0 द्वारा जेएसईबी कतिपए मामलों सहित स्वर्णरेखा जल विद्य्नुत परियोजना से संबंधित अनियमितता की जांच सी0बी0आई0 द्वारा की जा रही है। राज्य सरकार के द्वारा केन्द्रीय विद्य्नुत प्राधिकरण एवं महालेखाकार द्वारा स्वर्णरेखा जलविद्य्नुत परियोजना, सिकिदिरी के संबंध में दिए गए तकनीकी एवं वित्तीय अंकेक्षण प्रतिवेदन में नामांकन के आधार पर किए गए विशेष मरम्मति एवं रख-रखाव में बरती गई अनियमितताओं की गहन समीक्षा के लिए प्रधान सचिव, योजना एवं वित्त विभाग अमित खरे की अध्यक्षता में एक त्र्ािसदस्यीय समिति गठित की गई थी। इस समिति के अन्य शामिल सदस्य प्रधान सचिव उर्जा विभाग एस0के0जी0 रहाटे तथा महाप्रबंधक-सह- मुख्य अभियंता, विद्य्नुत आपूर्ति क्षेत्र रांची ओम प्रकाश अम्बष्ट थे।गौरतलब ज्ञातव्य है कि वर्ष 2005 के दौरान स्वर्णरेखा जल विद्य्नुत परियोजना, सिकिदिरी में मरम्मति एवं रख-रखाव का कार्य नामांकन के आधार पर कुल 59.75 लाख रु0 में भेल से कराया गया था।

जेपीएससी परीक्षा में सी-सेट की अनिवार्यता पर सरकार ने विचार का दिलाया भरोसा

विरोध में विपक्ष का हंगामा, सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित
रांची,27अगस्त। राज्य सरकार ने झारखंड लोक सेवा परीक्षा(जेपीएससी) की परीक्षा में सी-सेट की अनिवार्यता किे मुद्दे पर विचार करने का भरोसा दिलाया है, वहीं इस सी-सेट को लागू करने के विरोध में आज विधानसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के कारण प्रश्नोत्तरकाल की कार्रवाई पूरी तरह से बाधित रही, वहीं विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही को दो बार स्थगित करनी पड़ी।
मॉनसून सत्र के पांचवें दिन आज झामुमो ने सी-सैट मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव लिाया,जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने अमान्य कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने विपक्षी दलों के नेताओं को यह मुद्दा कल ध्यानाकर्षण सूचना के तहत लाने की सलाह दी, लेकिन विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा और वे वेल में आकर सी-सेट को वापस करने की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। जिसके कारण स्पीकर को पहली बार सदन की कार्यवाही 12.00बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी और कार्यवाही पुनः शुरु होने पर विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा,जिसके कारण 12.25मिनट पर सदन की कार्यवाही पुनः 12.45बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन और झाविमो विधायक प्रदीप यादव का कहना था कि जेपीएससी में सी-सेट की व्यवस्था लागू होने से राज्य के बच्चे परीक्षा में पास करने से वंचित रह जाएंगे,क्योंकि झारखंड में ज्यादा बच्चे हिन्दी माध्यम से पढ़ते है और अंग्रेजी, रिजनिंग, मैनेजमेंट व कम्युनिकेशन स्कील से संबंधित प्रश्नों का जवाब नहीं दिए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सी-सेट की व्यवस्था से उत्तर प्रदेश और बिहार समेत अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को फायदा मिलेगा।
वहीं सरकार की ओर से पक्ष करते हुए संसदीय कार्यमंत्री सरयू राय ने कहा कि यह व्यवस्था पूर्व में गठित समिति की सिफारिश के आधार पर ली गयी है और इसकी अनुशंसा तत्कालीन हेमंत सोरेन सरकार में ही गयी थी। उन्होंने कहा कि सी-सेट व्यवस्था के खिलाफ अभी तक किसी छात्र संगठन या राजनीतिक दलों की ओर से कोई आवेदन सरकार को नहीं दिया गया है और यदि इस व्यवस्था के खिलाफ तर्कपूर्ण पक्ष रखे जाते है, तो राज्य सरकार सी-सेट व्यवस्था पर पुनर्विचार करने को तैयार है। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने स्वीकार किया कि पिछली बार मुख्यमंत्री पद संभाले उन्हें एक महीना ही हुआ था,तभी सी-सेट को लागू करने संबंधी प्रस्ताव उनके समक्ष आया था ,लेकिन यदि इसमें कोई त्रुटि है, तो इसे सुधारना सरकार का काम है। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय को भले ही उनकी सरकार के समय रखा गया था, लेकिन लागू करने को लेकर अधिसूचना वर्तमान सरकार द्वारा जारी की गयी है और इस त्रुटि की ओर पार्टी की ओर से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया है।
झामुमो के स्टीफन मरांडी और झाविमो के प्रदीप यादव ने भी इस फैसले को वापस लेने की वकालत करते हुए बताया कि यूपीएससी परीक्षा में भी इसे लागू किया गया था,लेकिन हिन्दी भाषी राज्यों के विरोध की वजह से बाद में इसे वापस ले लिया गया और अब यह यूपीएससी परीक्षा में भी अनिवार्य नहीं है।
विपक्षी सदस्यांे के लगातार हंगामे को लेकर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस मसले पर हस्तक्षेप करते हुए कहा कि राज्य के युवाओं की चिंता विपक्ष से अधिक सरकार को है,क्योंकि जनता ने भाजपा को बहुमत किया है और सरकार बनाने का मौका दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी सदस्य सरकार को किसी काम के लिए बाध्य नहीं कर सकते।

सरकार व पारा शिक्षकों के बीच 8 बिन्दुओं पर सहमति

रांची,28अगस्त। राज्य सरकार और आंदोलनरत पारा शिक्षकों के बीच आठ बिन्दुओं पर सहमति बनी है। राज्य की स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री नीरा यादव की अध्यक्षता में तथा विभागीय सचिव की उपस्थिति में कल रांची में झारखण्ड प्रदेश पारा शिक्षक महासंघ के प्रतिनिधियों के साथ वार्त्ता में जिन आठ बिन्दुओं पर सहमति बनी है, उसके तहत वर्तमान में देय मानदेय पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि केंद्र सरकार की सहमति से देय होगी।
इसके अलावा पारा शिक्षिकाओं को विशेषावकाश देय होगा, वहीं ग्राम शिक्षा समिति द्वारा दुर्भावना से ग्रसित होकर पारा शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई किये जाने की स्थिति में अपीलीय पदाधिकारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी होंगे। जबकि शिक्षक कल्याण कोष, अटल पेंशन योजना एवं जन-धन बीमा योजना में पारा शिक्षकों को सम्मिलित किया जायेगा, साथ ही कर्मचारी भविष्य निधि से जोड़ने पर विचार किया जायेगा।
मंत्री व पारा शिक्षकों के शिष्टमंडल के बीच पारा शिक्षकों के मानदेय में वर्त्तमान में प्राप्त मानदेय में 25 प्रतिशत की वृद्धि 1 अप्रैल 2015 के प्रभाव से किये जाने पर सहमति बनी, जबकि रसोईया का मानदेय में 500रु. की वृृद्धि की जा चुकी है। वहीं पारा शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के संबंध में संकल्प दोहराया एवं पारा शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की जॉंच शीघ्र कराने पर सहयोग प्रदान करने की बात कही गई। एक अन्य सहमति के अनुसार पारा शिक्षकों की अनुपस्थिती विवरणी पर प्रतिहस्ताक्षर के लिएमुखिया एवं उप-मुखिया को अधिकृृत करने पर सहमति बनी है।

सीएम ने डीएसपी मधुसूदन के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति दी

रांची,27अगस्त। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एसटीएफ रांची के वर्त्तमान पुलिस उपाधीक्षक मधुसूदन के खिलाफ अपनी जाति छुपाते हुए अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण-पत्र बनाकर सरकारी नौकरी, प्राप्त करने के मामले में निगरानी ब्यूरो की जांच प्रतिवेदन के निष्कर्ष के आधार पर अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की है।

विस्फोटकों के साथ गिरफ्तार आरोपी का पक्ष लेने पर चिंता व्यक्त

भाजपा विधायक ने निन्दा प्रस्ताव पारित करने की मांग की
रांची,27अगस्त।झारखंड विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी विधायक बिरंची नारायण ने विस्फोटकों के साथ गिरफ्तार आरोपी का एक राजनीतिक दल द्वारा पक्ष लिये जाने पर चिंता व्यक्त की और इसके खिलाफ सदन में निन्दा प्रस्ताव पारित करने की मांग की।
मॉनसून सत्र के पांचवे दिन आज प्रश्नोत्तरकाल के प्रारंभ होने पर बिरंची नारायण ने ऐसे किसी मामले के राजनीतीकरण के प्रयास के खिलाफ निन्दा प्रस्ताव पारित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश आतंकवाद के गंभीर संकट से गुजर रहा है, कई घटनाओं के तार झारखंड के कई शहरों से भी जुड़े होने की बात सामने आती है,ऐसे मामलों में एकजुट होकर ही देश की रक्षा की जा सकती है,लेकिन कल इसी सदन में एक सदस्य ने पिछले दिनों विस्फोटक लाने के आरोपी के पक्ष में बात रखी, जबकि उन्हीं की पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कल आरोपी के घर गये। भाजपा विधायक ने कहा कि इस तरह के कदमों से जांच और अदालत की प्रक्रिया प्रभावित होती है और इससे जांच एजेंसियों तथा अधिकारियों का मनोबल गिरता है। बिरंची नारायण ने कहा कि ऐसे हस्तक्षेप से आतंकी लोगों का मनोबल बढ़ रहा है, वहीं दुनिया में यह संदेश जा रहा है कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत एकजुट नहीं है।
भाजपा विधायक ने राष्ट्रहित में सदन में इस मुद्दे को लेकर निन्दा प्रस्ताव पारित करने की मांग की। वहीं, झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने इस पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि थ्या किसी आरोपी के घर जाना कोई जुर्म है क्या? उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस तरह से मिलना अनुसूचित है, तो सरकार उनके नेता पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करें।

इंतजार का पक्ष लेने पर झाविमो विधायक का आभार

रांची,27अगस्त। रांची महानगर झारखण्ड विकास अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष1 नदीम इकबाल के नेतृत्व में इंतजार अली के परिजन,मुस्लिम युवा मंच के सदस्य मो. शाहिद एवं निजामनगर के सैकड़ों लोगों ने आज झारखंड विकास मोर्चा विधायक प्रदीप यादव से मुलाकात कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।प्रदीप यादव से मिलने वाले नेताओं ने फिर दोहराया है कि इंतजार अली को एक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।
झाविमो अल्पसंख्यक मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया है कि देश और झारखंड में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के गठन से अल्पसंख्यक समुदाय आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। पार्टी नेताओं ने उम्मीद जतायी कि जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी और साजिश का पर्दा उठ जाएगा। इस मौके पर पार्टी नेताओं और परिजनों ने यह भी उम्मीद जतायी कि इंतजार अली अदालत से बाइज्जत बरी होगा और जेल से बाहर जाएगा।निजामवासियों और इंतजार के परिजनों ने अदालत पर पूरा भरोसा जताया है ।

बैद्यनाथधाम व वासुकीनाथधाम के लिए गठित प्राधिकरण के सीएम होंगे अध्यक्ष

श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा देने की तैयारी
रांची,27अगस्त। मुख्यमंत्री रघुवर दास देवघर जिला स्थित बैद्य्ननाथधाम तथा दुमका स्थित वासुकीनाथधाम मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा तथा विशेष सहायता के लिए गठित होने वाले नये प्राधिकरण के अध्यक्ष होंगे। देवघर व दुमका जिले में स्थित तीर्थस्थानों में श्रावण मास के दौरान जलार्पित करने आए श्रद्धालुओं को हुई दिक्कतों को देखते हुए राज्य सरकार ने इन दोनों धामों के लिए एक प्राधिकरण के गठन का निर्णय लिया है। ये प्राधिकरण दोनों धामों की सुरक्षा-सुविधा एवं श्रद्धालुओं को मिलनेवाली विशेष सहायता का प्रबंधन अपने जिम्मे लेगा। फिलहाल ये कार्य देवघर न्यास बोर्ड और जिला प्रशासन के जिम्मे है। राज्य सरकार, इन दोनों को मिलाकर एक प्राधिकरण बनायेगी और यह प्राधिकरण वे समस्त कार्य करेंगी, जो अब तक न्यास बोर्ड और जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा था। यह प्राधिकरण बैद्य्ननाथधाम और बासुकिनाथ धाम से जुड़े तमाम समितियों, संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों से विशेष विचार-विमर्श करेगा कि कैसे यह प्राधिकरण व्यापक रुप से श्रद्धालुओं की सेवा करे। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने विधानसभा के वर्तमान सत्र में घोषणा की है।

रोशन लाल भाटिया की कांग्रेस में पुनर्वापसी

प्रदेश अध्यक्ष ने निष्कासन को रद्द
रांची,27अगस्त। प्रदेश कंाग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सुखदेव भगत ने रोशन लाल भाटिया के पार्टी में वापसी का निर्णय लिया है। पार्टी सिद्धान्तो के प्रति भटिया की प्रतिबद्धता एवं गहरी रुचि के मद्देनजर सुखदेव भगत ने रोशन लाल भाटिया के पार्टी से निष्कासन के पूर्व आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए आशा जतायी है कि घर वापसी से राज्य में पार्टी को संागठनिक मजबूती मिलेगी।

झुंड से बिछुड़े जंगली हाथी ने एक वृद्ध को कुचला

रांची,27 अगस्त ।झारखंड में दुमका जिले के टोंगरा थाना क्षेत्र के भिटरा गांव में कल रात झुंड से बिछडंे जंगली हाथी ने 60 वर्षीय रामप्रवेश मुर्मू नामक एक वृद्ध को कुचल कर मार डाला और कई घरों को ध्वस्त कर दिया। वन विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने आज बताया कि रामप्रवेश मुर्मू बीते रात भिटरा गांव स्थित अपने घर के दरबाजे पर सोया हुआ था। इस बीच झुंड से बिछुडे एक हाथी ने गंाव में प्रवेश कर कई घरों को तोड़ दिया और मकई की फसल को नुकसान कर दिया। इसी क्रम में दरबाजे पर सोये रामप्रवेश मुर्मू को सूढ में लपेट कर जमीन पर पटकर कुचल दिया जिससे वृद्ध की मौके पर ही मौत हो गयी। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर जंगली हाथी को खदेड़ दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने आज सुबह मौके पर पहुंचकर मृत आर्श्रित के परिजनों को तत्काल 65 हजार रुपया मुहैया कराया। पुलिस ने मृतक
की लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुमका भेज दिया हैं। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले एक महीने के दौरान झुंड से बिछुड़े जंगली हाथी ने दुमका जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रोें में अवस्थित गांवों में चार लोगों को मौत की घाट उतार चुका है और एक व्यक्ति को घायल करने के साथ दर्जनों घरों को ध्वस्त करने के अलावे कई एकड़ में फसलों को नष्ट कर चुका है।

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